01 November, 2026 (Sunday)

विराट कोहली की वनडे कप्तानी भी खतरे में, टी-20 और वनडे के लिए एक कप्तान होने की संभावना

मेंटर महेंद्र सिंह धौनी, मुख्य कोच रवि शास्त्री, बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर, गेंदबाजी कोच भरत अरुण, क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर, दो थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु व नुआन, फिजियो नितिन पटेल, मेंटल हेल्थ कोच, सहायक स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई, मसाजर, टीम मैनेजर, मीडिया मैनेजर, इंटरनेट मीडिया प्रड्यूसर, लाजिस्टिक्स हेड और सिक्योरिटी इंचार्ज के साथ जंबो स्टाफ रखने वाली भारतीय टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत की मेजबानी में चल रहे टी-20 विश्व कप के शुरुआती दो मुकाबले में ही बुरी तरह हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। हालत यह है कि अब हमें पहले दौर में ही हारकर बाहर होने से बचने के लिए नामीबिया, अफगानिस्तान और स्काटलैंड जैसी टीमों की तरफ टकटकी लगाकर देखना पड़ रहा है।

हालांकि इस बीच सूत्रों से खबर मिल रही है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के हुक्मरान इस प्रदर्शन से काफी दुखी हैं। उन्हें टीम से कम से कम सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद थी। अब वे नई टीम को बनाने पर ध्यान दे रहे हैं और इस विश्व कप के बाद नए मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में उस पर काम होगा। विश्व कप के बीच बीसीसीआइ कोई कड़ा कदम नहीं उठाएगी, क्योंकि टीम के अगले तीन मैच जीतने की संभावना है। नौ सितंबर को दैनिक जागरण ने खबर लिखी थी कि विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद बीसीसीआइ विराट को कप्तानी से हटा सकता है।

इसको लेकर मुंबई में बीसीसीआइ की बैठक में चर्चा हुई थी। इस खबर के छपने के बाद 16 सितंबर को विराट ने खुद ही विश्व कप के बाद टी-20 फार्मेट की कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी। अब बीसीसीआइ वनडे से भी उन्हें कप्तानी से हटा सकता है, क्योंकि उसका मानना है कि टीम के दो कप्तान होने चाहिए, एक सफेद गेंद का कप्तान और एक लाल गेंद का कप्तान। सूत्र ने कहा कि विराट की कप्तानी में भारत 2017 चैंपियंस ट्राफी, 2019 वनडे विश्व कप और 2021 चैंपियंस ट्राफी हारा। वर्तमान विश्व कप में ही टीम इंडिया की पहले दौर से बाहर होने की स्थिति हो गई है। 2007 में वनडे विश्व कप में वेस्टइंडीज में जो हाल टीम इंडिया का हुआ था, वैसा ही इस बार माहौल है।

उसके बाद महेंद्र सिंह धौनी ने 2007 में ही दक्षिण अफ्रीका में हुए टी-20 विश्व कप में कप्तानी की थी और हमें चैंपियन बनाया था। 2022 में आस्ट्रेलिया में टी-20 और 2023 में भारत में वनडे विश्व कप है। अब ऐसा तो किया नहीं जा सकता कि टी-20 में एक कप्तान रहे और वनडे में दूसरा कप्तान रहे। मुझे लगता है कि वर्तमान परिस्थितियों में हमें ऐसा कप्तान चुनना होगा जो 2022 और 2023 में भारत को आइसीसी ट्राफी दिलाए, क्योंकि हमने 2013 चैंपियंस ट्राफी के बाद कोई भी आइसीसी ट्राफी नहीं जीती है।

आखिर हो क्या गया है टीम को : टी-20 विश्व कप में पहले मैच में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से तो दूसरे मैच में न्यूजीलैंड ने आठ विकेट से हराया। हर टीम हारती है, लेकिन जिस तरह टीम इंडिया हारी उससे प्रशंसक ज्यादा दुखी हैं। भारतीय टीम लड़ नहीं रही थी, बल्कि लड़ते हुए दिख भी नहीं रही थी। टीम की बाडी लेंग्वेज ही सही नहीं थी। पाकिस्तान के खिलाफ हार के बाद तो टीम इंडिया में यह डर अंदर तक समा गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्लेबाजों को यह समझ नहीं आ रहा था कि गेंद को मारें या रोकें। इसी चक्कर में रन ही नहीं बने। पाकिस्तान के खिलाफ इससे अच्छा अफगानिस्तान खेला था। उसके पावरप्ले में चार विकेट गिर गए थे, लेकिन उसने 148 रन बनाए। स्पिनरों के खिलाफ अच्छा खेलने वाले विराट ईश सोढ़ी के सामने ऐसे खेल रहे थे जैसे नोटिस पीरियड में चल रहा कर्मचारी किसी कंपनी में काम कर रहा हो। टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ 110 रनों पर आलआउट हो गई। अब टीम इंडिया को बुधवार को अबूधाबी में अफगानिस्तान से भिड़ना है। हम सिर्फ इतनी उम्मीद कर सकते हैं कि भारतीय टीम अगले तीन मैच जीतकर अपना खोया सम्मान अर्जित करे।

थके हो तो मत खेलो : आइपीएल से पहले भारत ने एक समय में दो टीम बनाकर उन्हें इंग्लैंड और श्रीलंका के दौरे कराए। विराट की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से बढ़त ली तो श्रीलंका में शिखर धवन के नेतृत्व में टीम इंडिया ने वनडे और टी-20 सीरीज खेलीं। इसमें भारतीय टीम वनडे सीरीजी जीती और टी-20 हारी। एक तरफ हम कहते हैं कि हमारे पास इतने खिलाड़ी हैं कि हम दो टीमें खड़ी कर सकते हैं तो दूसरी ओर दो शर्मनाक हार के बाद भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बायो-बबल (कोरोना से बचने के लिए खिलाडि़यों के लिए बनाए गए सुरक्षित माहौल) और लगातार क्रिकेट पर आराम की बात करते हैं। एक सूत्र ने कहा कि कोरोना के कारण 2020 से 2021 में एक साल से ज्यादा क्रिकेट नहीं हुआ। इस साल क्रिकेट शुरू हुआ है। भारत ही नहीं सभी टीमें खेल रही हैं।

यही नहीं, टी-20 टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट टीम में नहीं थे या अंतिम एकादश में नहीं खेले। खिलाडि़यों को परिवार के सदस्यों को साथ में ले जाने की अनुमति है। अगर फिर भी किसी को लगता है कि उसे थकान है तो वह बता सकता है। अभी 17 तारीख से भारत-न्यूजीलैंड की सीरीज शुरू होगी। चयनकर्ता कुछ खिलाडि़यों को आराम देंगे। भारत की तरह न्यूजीलैंड की टीम भी विश्व कप के तुरंत बाद खेलेगी। न्यूजीलैंड ने भारत को हराया है। उसके कई खिलाड़ी आइपीएल में खेल रहे थे। उससे पहले वह पाकिस्तान दौरे पर थे। अगर वह दौरा सुरक्षा कारणों से रद नहीं हुआ होता तो कीवी भी लगतार क्रिकेट खेल रहे होते। स्थितियां सभी टीमों के लिए एक जैसी हैं।

अब सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना

-सुपर-12 के ग्रुप-2 में पाकिस्तान छह अंकों के साथ शीर्ष पर है। उसे बाकी दो मैच कमजोर नामीबिया और स्काटलैंड से खेलने हैं। ऐसे में उसका सेमीफाइनल में पहुंचना तय है।

-ग्रुप-2 से दो टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। इसमें दूसरे स्थान के लिए न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान सबसे आगे हैं।

-भारत के अभी तीन मैच बचे हैं, इसलिए आप कह सकते हैं कि मौका अब भी बचा हुआ है, लेकिन बहुत कम।

-इसके लिए भारत को अफगानिस्तान, स्काटलैंड और नमीबिया को बहुत बड़े अंतर से हराना होगा।

-साथ में यह भी देखना होगा कि अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड को कम अंतर से हराए, जिससे उसका रन रेट ज्यादा नहीं हो।

-या नामीबिया और स्काटलैंड में से कोई न्यूजीलैंड को हराए और न्यूजीलैंड अफगानिस्तान को कम अंतर से हरा दे।

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