कोरोना महामारी में आंगनबाड़ियों ने धैर्य का दिया उदाहरणःसांसद
(सिद्धार्थनगर)। लोक सभा बजट सत्र के दौरान शनिवार को सांसद जगदंबिका पाल ने गैर सरकारी संकल्प में उठे आंगनबाड़ी, सहायिकाओं के मुद्दे पर हुई चर्चा में भाग लिया।
इस दौरान सांसद ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महत्व को रेखांकित किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और कहा की कोरोना जैसी महामारी में भी उन्होंने पूरे देश को शौर्य और धैर्य का उदाहरण दिया है। उन्होंने ने कहा आज पूरे भारत में एक तरह से ग्रामीण मां और बच्चों के लिए देखभाल के लिए केंद्र बनाया गया है। पहले तो यह इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज के अंतर्गत आता था, लेकिन यह पहली बार हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में तय किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को एक सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाएगा और पोषण अभियान 2.0 में जोड़ा जाएगा। कहा यह काम वर्ष 1975 में शुरू हुआ था। मालनूट्रिशन या चाइल्ड हंगर के लिए यह विभाग बनाया गया था। वर्ष 1978 में मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री ने इसको 6 लाख गांव में डिस्कंटीन्यू कर दिया। मैं धन्यवाद दूंगा कि वर्ष 2002 में फिर से अटल बिहारी वाजपेई जी ने लांच किया। वर्ष 2014 में 16,312 करोड रुपए बजट था जो आज सरकार ने 2020 में 20,033 करोड़ का बजट दिया है, जो लगभग 4000 करोड़ पूर्व में दिए गए बजट से अधिक है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम कर रही कार्यकर्ताओं के संबंध में कहा कि सरकार पहली ईसीसीई चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन की ट्रेनिंग आंगनबाड़ी महिलाओं को देने का काम शुरू करेगी। कहा जो आंगनबाड़ी हाई स्कूल पास होंगी वह टीचर के रूप में काम कर सके इसके लिए सरकार न्यू एजुकेशन पॉलिसी में उनके लिए अतिरिक्त प्रावधान करेगी। जो टेन प्लस टू से कम पढ़ी हांेगी उनके लिए 1 साल का सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से उन्हें ट्रेंड किया जाएगा और जो 10 प्लस 2 से ऊपर होंगी 6 महीने का सर्टिफिकेट प्रोग्राम करवाया जाएगा। आज आगनबाडी की देन है कि वर्ष 2020 तक 8.55 करोड लाभार्थी हो गए हैं। जिसमे 6 महीने से 6 साल तक के बच्चों की संख्या 6 करोड़ 55 लाख तक हो गई है। उन्होंने 2012 में मात्र 3000 मानदेय मिलते थे जिसको 2018 में बढ़ाकर 4500 किया गया और सहायिकाओं को पंद्रह 1500 से बढ़ाकर 2250 कर दिए गए। कहा अगर हमें विश्व गुरु बनना है तो हमारी सबसे बड़ी पूंजी आने वाली पीढ़ी है। यूनिसेफ ने कहा संयुक्त राष्ट्र ने कहा शास्त्री जी ने भी कहा कि देश में बच्चों की मृत्यु की दर कम होनी चाहिए, जिसे हमारे देश ने गंभीरता से लिया है। सत्र के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का भारत नेपाल सीमा पर स्थित जनपदों जैसे बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और सिद्धार्थनगर जो की आकांक्षा जनपद की सूची में है उसमें नए रेडियो स्टेशन और लोकल एफएम स्टेशन से संबंधित योजनाओं पर जनपद की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। जिस पर सूचना और प्रसारण मंत्री द्वारा इन जनपदों को भी मास्टर प्लान में शामिल किए जाने का वादा किया गया।
