05 June, 2026 (Friday)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका 29 शब्दों का संक्षिप्त त्यागपत्र लिया गया। बता दें कि इस्तीफा लेने के लिए मंत्री विजय चौधरी और एमएलसी संजय गांधी विधान परिषद पहुंचे, जिसके बाद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया।

संवैधानिक नियमों के तहत इस्तीफा जरूरी
संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार कोई भी व्यक्ति 14 दिन तक दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे, इसलिए आज उन्हें विधान परिषद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, 6 महीने तक वह अभी भी बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

नितिन नवीन का विधानसभा से इस्तीफा
वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर विधानसभा से विधायक नितिन नबीन ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा गया और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इसे स्वीकार किया।

नितिन नवीन की प्रतिक्रिया
नितिन नबीन ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया है। उन्होंने अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए निरंतर काम करने का संकल्प व्यक्त किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रयासों में योगदान देने की बात कही।

दोनों नेताओं का योगदान
दोनों नेताओं ने बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस्तीफों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि नए कर्तव्यों और भूमिकाओं के तहत दोनों राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर काम जारी रखेंगे।

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