3 तरह के फूड्स जो कम कर सकते हैं ‘ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया’ का ख़तरा!
बॉलीवुड के डिस्को किंग, बप्पी लाहिड़ी की मुंबई के एक अस्पताल में आज सुबह निधन हो गया।वे 69 वर्ष के थे और पिछले एक साल से ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से जूझ रहे थे। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक नींद से जुड़ा ब्रीदिंग डिसऑर्डर है। यह एक दुर्लभ विकार है, जिसमें सोते समय सांस कुछ सैकेंड के लिए रुक जाती है और फिर दोबारा शुरू हो जाती है।
यह दिक्कत तब शुरू होती है जब गले की मांसपेशियां नींद के दौरान ढीली पड़ जाती हैं और एयर फ्लो में रुकावट पैदा करती हैं। इसकी वजह से मरीज़ ज़ोर-ज़ोर से खर्राटे लेता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हर खर्राटे लेने वाले को यह बीमारी हो। इस बीमारी में सांस लेने वाली नली के ऊपरी मार्ग में बाधा आने से ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं जा पाती। इससे खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है और मरीज़ की मौत हो जाती है।
हर विकार और बीमारी का इलाज मौजूद है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि स्वास्थ्य स्थितियां ख़राब लाइफस्टाइल और खाने की आदतों का नतीजा होती हैं। इसलिए अपने लाइफस्टाइल रूटीन का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है। जहां तक ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का सवाल है, हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है खाने की आदतों में हल्के से बदलाव से भी इस रोग को गंभीर होने से बचा सकती है। खाने की कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो आप में इस बीमारी के जोखिम को कम कर सकती हैं।
1. मेलाटोनिन से भरपूर डाइट
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो फल और सब्ज़ियां मेलाटोनिन से भरपूर होते हैं वे प्राकृतिक तरीके से नींद को बेहतर बनाते हैं। अस्पैरगस, चेरी, अंगूर, ब्रोकली और खीरा जैसे खाद्य पदार्थ स्लीपिंग हार्मोन से भरपूर होते हैं और सोने से पहले इनका सेवन करना अच्छा माना जाता है।
2. ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स
यह साबित हो चुका है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड्स प्रचुर मात्रा में मेलाटोनिन का उत्पादन करने में मदद करते हैं। टूना, सैल्मन और झींगा जैसी चीज़ें ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं।
3. ट्रिप्टोफैन युक्त डाइट
ट्रिप्टोफैन एक एमिनो एसिड है, जिसका सेवन करने पर यह प्राकृतिक तरीके से मेलाटोनिन में परिवर्तित हो जाता है और नींद के चक्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। चिकन, नट्स और बीन्स जैसे खाद्य पदार्थ ट्रिप्टोफैन से भरपूर होते हैं और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित लोगों के लिए अच्छे होते हैं।
खाने में किस तरह की चीज़ों से दूर रहना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, फैटी मीट जैसे स्टेक, पोर्क, बेकन और लैंब में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित लोगों को इससे बचना चाहिए। साथ ही केला खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद पोटैशियम और फाइबर की उच्च मात्रा गले में म्यूकस के उत्पादन को बढ़ाती है, जिसकी वजह से तकलीफ होती है। आखिर में हाई फैट डेयरी वाले उत्पादों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि यह भी शरीर में बलग़म के उत्पादन को बढ़ाते हैं जिससे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का जोखिम बढ़ता है।
