बंगाल के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शाह बोले-एक मौका भाजपा को दें, 5 साल में बनाएंगे सोनार बांग्ला
बंगाल के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार पर करारा हमला बोला। शाह ने कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल की सरकार 10 वर्षों में लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई। वादे पूरे नहीं हुए और लोगों में भारी गुस्सा है। मैं बंगाल की जनता को आश्वस्त करने आया हूं कि आपने कांग्रेस को भी एक मौका दिया, कम्युनिस्टों को भी बार-बार मौके दिए और 2 मौके ममता जी को दिए। एक मौका मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा को दे दीजिए, हम पांच वर्ष के भीतर सोनार बांग्ला बनाने का वादा करते हैं।
कम्युनिस्ट शासन से त्रस्त होकर ममता को सौंपी कमान
शाम में कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- कम्युनिस्ट शासन से त्रस्त होकर ममता बनर्जी के हाथों में बंगाल की कमान दी गई थी, मगर आज मां, माटी और मानुष का नारा तुष्टीकरण, तानाशाही और टोलबाजी में परिवर्तित हो गया है।
तृणमूल और दीदी का एकमात्र लक्ष्य, भतीजा बने सीएम
उन्होंने कहा कि तृणमूल और दीदी का एकमात्र लक्ष्य है कि अगले टर्म में भतीजे को मुख्यमंत्री बना देना है। अब बंगाल की जनता को तय करना है कि परिवारवाद चाहिए या विकासवाद चाहिए।
भ्रष्टाचार पर ममता को घेरा और कई गंभीर सवाल पूछे
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि बंगाल का विकास हो, देश की सीमाएं सुरक्षित हों, बंगाल के अंदर घुसपैठ रुके। शाह ने भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था व आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने के मुद्दे पर भी ममता को घेरा और कई गंभीर सवाल पूछे।
एम्फन चक्रवात व कोरोना महामारी में भ्रष्टाचार की परतें
उन्होंने कहा कि एम्फन चक्रवात और कोरोना महामारी में भी भ्रष्टाचार करने से तृणमूल कांग्रेस पीछे नहीं हटी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में प्रशासन का राजनीतिकरण किया गया है और इंस्टीट्यूशनल करप्शन किया जा रहा है।
बड़े वर्ग के मन में दूसरे दर्जे का नागरिक होने का भाव
तुष्टीकरण से बंगाल की जनता के बहुत बड़े वर्ग के मन में दूसरे दर्जे का नागरिक होने का भाव पैदा हो गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि बंगाल में तीन कानून हैं। एक अपने भतीजे के लिए, दूसरा वोट बैंक और तीसरा आम आदमी के लिए।
दक्षिणेश्वर मंदिर में शाह ने की पूजा अर्चना फिर बैठक
इससे पहले शुक्रवार सुबह सर्वप्रथम शाह ने दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। दक्षिणेश्वर के बाद शाह ने साल्टलेक में नवद्वीप व कोलकाता जोन के पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ सांगठनिक बैठक की।
सिर्फ ममता का विरोध कर सत्ता में आना मकसद नहीं
इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सिर्फ ममता बनर्जी का विरोध करके सत्ता में आना हमारा मकसद नहीं है बल्कि यहां के लोगों का दिल व विश्वास भी जीतना है।
जोश में ही नहीं होश में रहकर तन-मन से हों समर्पित
बंगाल में सियासी हिंसा में मारे गए एक सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। कार्यकर्ताओं से कहा- आप लोग सिर्फ जोश में ही नहीं होश में रहकर और तन-मन से समर्पित होकर काम करिए और आने वाले दिनों में यहां भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
मतुआ समुदाय के मंदिर भी गए शाह, भोजन भी किया
सांगठनिक बैठक के बाद शाह न्यूटाउन से सटे गौरांगनगर में मतुआ समुदाय के मंदिर में गए। दर्शन के बाद शाह मतुआ समुदाय के पार्टी कार्यकर्ता नवीन विश्वास के घर जाकर भोजन किया। इससे पहले दोपहर में शाह ने शास्त्रीय संगीत गायक पद्मभूषण पंडित अजय चक्रवर्ती से मुलाकात की।
दो दिवसीय दौरे में 180 से ज्यादा प्रतिनिधियों से संवाद
वहीं, शाम में शाह ने कोलकाता में समाज के विशिष्ट लोगों के साथ भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने भाजपा सांसदों के अलावा प्रदेश इकाई की कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की। शाह ने कहा कि दो दिवसीय बंगाल दौरे में 180 से ज्यादा संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी उन्होंने संवाद किया।
बंगाल आदिवासी व मतुआ समाज को साधने की कोशिश
दरअसल, बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले इस दौरे के जरिए शाह ने जहां बंगाल की राजनीति में प्रभाव रखने वाले आदिवासी व मतुआ समाज को साधने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ चुनावी माहौल भी तैयार कर दिया।
