05 June, 2026 (Friday)

31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार हुआ यूट्यूबर सलीम, साल 2000 में जमानत मिलने के बाद से फरार था

सलीम जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया था। इसके बाद उसने खुद को मृत घोषित कर दिया और नाम बदलकर अलग-अलग जगहों पर रहने लगा। पुलिस ने फ्रिंगरप्रिंट से पहचान कर उसे पकड़ा है
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 31 साल पुराने किडनैपिंग और मर्डर केस में फरार चल रहे आरोपी सलीम वास्तिक को गिरफ्तार कर लिया है। सलीम वास्तिक, जो हाल के समय में अपने विवादित बयानों और यूट्यूब वीडियो के कारण चर्चा में था। दरअसल 1995 के एक संगीन अपराध में दोषी पाया गया था और सालों से कानून से बचता फिर रहा था। यह मामला साल 1995 का है, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी के 13 साल के बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था।
अपहरण करने के अगले दिन अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 30,000 रुपये की फिरौती मांगी और बच्चे की हत्या की धमकी दी। जांच के दौरान पुलिस को शक सलीम खान (अब सलीम वास्तिक ) पर गया, जो उस वक्त बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद हुआ।

सलीम ने खुद को मृत घोषित किया
साल 1997 में कोर्ट ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। लेकिन साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत के बाद सलीम फरार हो गया और फिर कभी वापस नहीं आया। बाद में 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, लेकिन तब तक वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिपा रहा। सलीम ने खुद को मृत घोषित कर दिया था ताकि पुलिस को गुमराह कर सके। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक रख लिया और हरियाणा व यूपी में इधर-उधर घूमता रहा।

फिंगरप्रिंट से हुई पुष्टि
आखिरकार वह गाजियाबाद के लोनी इलाके में बस गया, जहां वह कपड़ों का कारोबार कर रहा था। चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक ही पुराना भगोड़ा अपराधी है। जांच में पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और फोटो से इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने लोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया।

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