UP बजट 2026-27 9.12 लाख करोड़, इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME और शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर
UP Budget 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार यानी आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन की कार्यवाही में बताया कि यह बजट वर्ष की तुलना में लगभग 12.2 प्रतिशत अधिक है. बजट में पूजीगत खर्च 19.5 प्रतिशत है. 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार, राजकोषी घाटे की सीमा 3 प्रतिशत तय की गई है, जो वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी इस बजट में औद्योगिक विकास और MSME क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये प्रस्तावित, जो 2025-26 की तुलना में 13% अधिक है.
मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण के लिए 2,374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
विदेशी निवेश (FDI) और फॉर्च्यून-500 कंपनियों के निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट में अब तक 200 डिफेंस इंडस्ट्री MoU पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जिसमें 35,280 करोड़ रुपये का निवेश और 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है.
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)
MSME सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये प्रस्तावित, जो 2025-26 की तुलना में 19% अधिक है.
MSME उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है.
MSME प्रोत्साहन के लिए नई योजना ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट और इंडस्ट्रियल जोन’’ के लिए 575 करोड़ रुपये प्रस्तावित.
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य है.
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये प्रस्तावित.
‘‘एक जनपद एक व्यंजन’’ योजना के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान.
सरकार वित्तीय प्रबंधन में प्रतिबद्ध
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कुल बजट का क्रमशः 12.4% और 6% आवंटित किया गया है वहीं, कृषि और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए कुल बजट का 9% निर्धारित किया गया है, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन और ऋण नियंत्रण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
