07 March, 2026 (Saturday)

यूपी: शाहजहांपुर में 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढका गया, जानें क्या है वजह

यूपी के शाहजहांपुर में 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढक दिया गया है। इसके पीछे की वजह भी सामने आई है। गौरतलब है कि होली में शाहजहांपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
शाहजहांपुर: यूपी के शाहजहांपुर में लाट साहब के निकलने वाले जुलूस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी के चलते यहां जिला प्रशासन ने मुस्लिमों के इबादतगाह को ढकना शुरू कर दिया है और पूरे शाहजहांपुर में 92 मस्जिदों को त्रिपाल से ढका गया है। प्रशासन ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि होली के रंग के दौरान कोई शरारती तत्व इबादत ग्रह पर रंग ना डाल दे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल शाहजहांपुर का लाट साहब का जुलूस बेहद ही अनोखे ढंग से मनाया जाता है। यहां लाट साहब को भैंसा गाड़ी पर बैठाकर पूरे शहर में घुमाया जाता है। भैंसा गाड़ी पर बैठाकर, हेलमेट पहनाने के बाद लाट साहब की जूते और चप्पलों से पिटाई की जाती है। रंग से सराबोर करते हुरियारे, चीखते चिल्लाते हुए लाट साहब पर चप्पलों एवं जूतों की बौछार करते हैं।

प्रशासन द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखने के उद्देश्य से बड़े एवं छोटे लाट साहब के रूट पर पड़ने वाली लगभग छोटी बड़ी 92 मस्जिदों को पॉलिपैक से कवर्ड किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और किसी प्रकार की अनहोनी ना हो इसके मद्देनजर शहर के 92 इबादत ग्रहों को त्रिपाल से ढक दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि होली के रंग के दौरान कोई हुड़दंगी मस्जिद पर रंग ना डाल दे इसके लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है।
शाहजहांपुर में अलग ढंग से मनाई जाती है होली
वैसे तो होली का त्यौहार पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन शाहजहांपुर जनपद की होली एक अलग अंदाज में ही मनाई जाती है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़े लाट साहब एवं रामचन्द्र मिशन थाना क्षेत्र में छोटे लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है। यह जुलूस अपने आप में अनोखा एवं पारंपरिक जुलूस है।

इस जुलूस में लाट साहब को एक भैंसा गाड़ी पर बैठा कर उस पर रंग डाल कर झाड़ू एवं जूतों, चप्पलों की बौछार कर अंग्रेजों के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया जाता है। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा दोनों जुलूस के रूट का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

होली से लगभग 15 दिन पहले लाट साहब बनने वाले व्यक्ति को बुलाकर उसकी खूब खातिरदारी की जाती है। फिर उसे गाड़ी पर बैठाकर, हेलमेट पहनाने के बाद, जूते और चप्पलों से पिटाई की जाती है। रंग से सराबोर करते हुरियारे चीखते चिल्लाते हुए लाट साहब पर चप्पलों एवं जूतों की बौछार करते हैं।

जुलूस की तैयारियों का डीएम, एसपी द्वारा भ्रमण कर जायजा लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को समय से तैयारियां पूर्ण करने के आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। (इनपुट: अंकित जौहर)

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *