केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा, कोरोना पर लैंसेट की रिपोर्ट दहशत पैदा करने के लिए एक शातिराना चाल
सरकार ने कोरोना महामारी से देश में 19 लाख बच्चों के अनाथ होने की लैंसेट पत्रिका की रिपोर्ट को आधारहीन और गलत बताया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी ने बुधवार को कहा कि पत्रिका की यह रिपोर्ट लोगों में दहशत पैदा करने के लिए एक शातिराना चाल है।
मंत्रालय ने ‘द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ जर्नल’ में 24 फरवरी को प्रकाशित अध्ययन को खारिज किया है और उसके दावे पर हैरानी जताई है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे बच्चों की वास्तविक संख्या 1.53 लाख है।
कुछ एजेंसियां दहशत पैदा करने में जीजान से जुटीं : इरानी
इरानी ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘यह नागरिकों के बीच दहशत पैदा करने की शातिराना चाल है। यह पूरी तरह से असत्य और आधारहीन है। क्यों कुछ एजेंसियां दहशत पैदा करने में जीजान से जुटी हैं?’
मंत्रालय के सचिव इंदेवर पांडे ने कहा कि अध्ययन का विश्लेषण किया गया था। 15 फरवरी तक ऐसे बच्चों की संख्या 1,53,827 थी जिनके माता या पिता या प्राथमिक देखभालकर्ता का निधन हो गया है या उन्हें छोड़ दिया गया है या वे अनाथ हो गए हैं।
कोरोना से अनाथ होने वाले बच्चों की वास्तविक संख्या 1,53,827
इस सवाल पर लैंसेट ने 19 लाख का आंकड़ा कहां से तैयार किया, पांडे ने कहा कि वास्तविक संख्या 1,53,827 है जो राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के बाल स्वराज पोर्टल पर जिलाधिकारियों द्वारा अपलोड किए गए आंकड़ों और सुप्रीम कोर्ट में राज्यों द्वारा दाखिल हलफनामे पर आधारित है।
पांडे ने कहा कि इनमें से 1,42,949 बच्चों के माता या पिता में से किसी एक की मौत हुई है और 10,386 बच्चों के माता और पिता दोनों का निधन हो गया है। छोड़ दिए गए बच्चों की संख्या 492 है।
