10 July, 2026 (Friday)

डेढ़ साल के मासूम को 8 बार पटक कर हत्या करने वाले चाचा को फांसी की सजा, 41 दिन में कोर्ट ने सुनाया फैसला

फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के बच्चे को पटक-पटक कर जान से मार देने वाले दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। घटना के 40 दिन बाद कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई।
फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव को गली में आठ बार पटक-पटक कर हत्या करने वाले रिश्ते के चाचा को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस ने हत्याकांड के बाद मात्र छह दिन में चार्जशीट फाइल की थी। शिकोहाबाद में यह नृशंस हत्याकांड 30 मई को हुआ था। मर्डर का वीडियो वायरल हुआ था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी तथ्यों का संज्ञान लिया। हत्या करने वाले युवक को सजा दिलाने के लिए पुलिस ने भी तेजी से कार्रवाई की। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। बच्चे की मां ने आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की थी।
30 मई को बच्चे की हुई थी हत्या

जानकारी के मुताबिक, सिरसागंज तहसील के गांव बामई निवासी रति के डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव की शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में 30 मई की दोपहर में जमीन पर पटक पटककर हत्या कर दी थी। रति की बदायूं के सियाराम नगर निवासी सुमित उर्फ प्रियंक से शादी हुई थी और घरेलू विवाद के चलते रति तलाक लेना चाहती थी।

एकतरफा प्यार में महिला के बच्चे को मार डाला

रिश्ते का देवर विराज पाठक निवासी शेखुपुरा बदायूं एकतरफा प्रेम के चलते रति से शादी करने का दवाब बना रहा था और इसमें बाधक बन रहे उसके बच्चे की जमीन पर पटककर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसी दिन विराज को कुछ घंटे बाद मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार किया था।

जानें पूरा घटनाक्रम

दोषी विराज ने डेढ़ साल के बच्चे को ज़मीन पर पटककर मार डाला था। गिरफ्तारी से पहले पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान जितेंद्र पाठक, उर्फ ​​विराज के पैर में गोली लगी। उसने माना कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन उसने मना कर दिया था, क्योंकि उसका पहले से ही एक बच्चा था। विराज उसके बेटे आरव को अपनी शादी में रुकावट मानता था। इसलिए उसने एक योजना बनाई। वह आरव को टॉफी दिलाने के बहाने ले गया। उसने उसे बार-बार ज़मीन पर पटककर मार डाला। जब तक आरव के परिवार वालों को इस बारे में पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वे उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तब तक विराज भाग चुका था।

पुलिस को खबर मिली कि विराज को मैनपुरी रोड पर बुड्ढा भरथरा चौराहे के पास देखा गया है। चार सदस्यों की एक टीम बनाई गई और इलाके की घेराबंदी की गई। झाड़ियों में छिपा आरोपी अचानक पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने लगा। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। पैर में गोली लगने से विराज गिर पड़ा और घायल हो गया। फिर उसे हिरासत में ले लिया गया। उसके पास से एक देसी पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और दो खाली खोखे बरामद किए गए थे।

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