गाजा संकट पर मुस्लिम देशों संग ट्रंप की बैठक, कूटनीतिक हलचल बढ़ी
वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ वॉशिंगटन में अहम बैठक करने जा रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है, कि यह बहुपक्षीय बैठक ऐसे समय में हो रही है, जबकि संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा मुद्दा छाया हुआ है और इजरायल-हमास संघर्ष नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस बैठक में सऊदी अरब, कतर, इंडोनेशिया, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उपस्थित रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप इस दौरान गाजा युद्ध समाप्त करने और उसके बाद शासन की अमेरिकी रूपरेखा पेश कर सकते हैं। यह योजना ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की टीम के सहयोग से तैयार की गई है। गाजा में शांति सेना पर चर्चा संभव अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि अरब और मुस्लिम देश गाजा में शांति सेना या सैन्य बल भेजने पर सहमत हों ताकि इजरायल की वापसी का रास्ता साफ हो सके। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो ने सोमवार को घोषणा की कि उनका देश शांति मिशन के लिए सैनिक भेजने को तैयार है। यह बैठक 29 सितंबर को ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात से पहले बुलाई गई है। ट्रंप रख सकते हैं बड़ा प्रस्ताव कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि ट्रंप इस बैठक में युद्ध समाप्त करने के लिए अब तक का सबसे ठोस और व्यावहारिक प्रस्ताव सामने रख सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमें युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक स्पष्ट रूपरेखा मिली है और हम इसे लागू करने के लिए क्षेत्रीय देशों का समर्थन चाहते हैं। खास बात यह है कि इस बैठक से पहले राष्ट्रपति ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित करेंगे, जहां वे अमेरिकी शक्ति के नवीनीकरण पर जोर देंगे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे गाजा प्रस्तावों का जिक्र करेंगे या नहीं।
