टूरिस्ट बसें परिवहन विभाग को लगा रही लाखों का चूना
( सिद्धार्थनगर )। सीमावर्ती कस्बा में बढनी में अनगिनत डबल स्टोरी और एकल टूरिस्ट बसों की भरमार है। जिनसे विशेषकर नेपाली पैसेन्जरांे को ढोने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। विभागीय कार्यवाही न होने के कारण लाखों का आय करने वाली परिवहन निगम की बसें रोज महानगरों में बिना पैसेन्जर के खाली लौट रही है, जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बताया जाता है कि नेपाल से लेकर भारत के विभिन्न महानगरों दिल्ली, लखनऊ सहित अन्य प्रदेशों में धड़ल्ले के साथ उक्त गोरखधंधा बेखौफ चल रहा है। सरकारी तंत्र को चूना लगाने के कार्यों में नगर के कुछ छुटभैये नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने की बात बतायी जा रही है।भारत से नेपाल जाने वाली कस्टम रोड पर एक निजी व्यक्ति के बाउंड्रीवाल में इन बसों का जमवाड़ा लगा रहता है। बताया जाता है कि यहां से पैसेन्जरो को टूरिस्ट के नाम पर नेपाली नागरिको को टूरिस्ट बनाकर भारत के बड़े-बड़े शहरों तक पहुँचाया जाता है जिसमें नेपाल से आए हुए नागरिकों का खूब शोषण किये जाने की बात बतायी जा रही है। खास बात ये भी बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर कोविड नियमों की जमकर धज्जियाँ उडायी जा रही है जिससे स्थानीय प्रशासन भी अनजान नहीं है। सूत्रों की मानें तो विभागीय गुणा भाग की बदौलत जहाँ परिवहन विभाग की पैसेन्जर ढोने वाली बसे दिल्ली लखनऊ आदि महानगरो को खाली जा रही है तथा विभाग को लाखों के राजस्व का चूना लग रह है तो वही दूसरी तरफ पैसेन्जरो को टूरिस्ट बनाकर पैसेन्जर ढोने वाली टूरिस्ट बसें विभागीय कर्मियों की जेबे गरम कर रोज लाखों अवैध कमाई कर रहे हैं जिसकी चर्चा जोरो पर है। कस्बे के दर्जनों बुद्धिजीवियों ने उक्त अवैध कारोबार पर मुख्यमंत्री से अंकुश लगाये जाने की माँग की है।
