05 April, 2026 (Sunday)

पूजा में इस्तेमाल होने वाली घंटियों के होते हैं कई प्रकार, जानें सभी का नाम और महत्व

Temple Bell Type and Significance: हिंदू धर्म में भगवान की पूजा में घंटियों का इस्तेमाल किया जाता है. यह घंटियां कई प्रकार की होती है. पूजा में इस्तेमाल होने वाली घंटियों का अलग-अलग नाम और महत्व होता है. इन्हें अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है. चलिए इनके बारे में जानते हैं.
Temple Bell Type: घर और मंदिर में पूजा के समय घंटियों को बजाया जाता है. हिंदू धर्म में प्राचीन समय से शुभ-मांगलिक कार्यों में घंटी का इस्तेमाल किया जाता रहा है. पूजा और मंदिर में इस्तेमाल होने वाली घंटियां अलग-अलग प्रकार की होती हैं. इन सभी प्रकार की घंटियों का अपना महत्व होता है और अलग-अलग जगहों पर इसका इस्तेमाल किया जाता है. घर की पूजा में इस्तेमाल होने वाली घंटी, मंदिर के द्वार पर लगी घंटी सभी अलग-अलग प्रकार की होती हैं चलिए इनके बारे में जानते हैं.

घंटियों के प्रकार
गरुड़ घंटी – गरुड़ घंटी को पूजा में इस्तेमाल किया जाता है. घर की पूजा में हाथ से बजाने वाली घंटी गरुड़ घंटी होती है. इस घंटी पर भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ की तस्वीर होती है. इस घंटी को घर की पूजा में बजाने वास्तु दोष दूर होते हैं.

द्वार घंटी – मंदिर के द्वार पर जो घंटी लगी होती है उसे द्वार घंटी कहते हैं. यह मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगाई जाती है. भक्त इस घंटी को बजाने के बाद मंदिर में प्रवेश करते हैं. मंदिर में प्रवेश से पहले इस घंटी को बजाने से नकारात्मकता दूर होती है.

बड़ा घंटा – मंदिर में लगा बड़ा घंटा 4 से 5 फुट का होता है. इसको बजाने से काफी दूर तक इसकी आवाज जाती है. इससे वातावरण शुद्ध होता है. ऐसी बड़ी घंटियां विख्यात और बड़े मंदिरों के द्वार पर लगी होती हैं.

पूजा में घंटी बजाने का महत्व
घंटी बजाने से जो ध्वनि निकलती है उससे वातावरण शुद्ध हो जाता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है. ऐसा माना जाता है कि, घंटी की ध्वनि से शरीर के सातों चक्र सक्रिय होते हैं. घंटी की आवाज से एकाग्रता बढ़ती है. पूजा से पहले घंटी बजाने से देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत हो जाती है.

वैज्ञानिक रूप से घंटी बजाने के लाभ
मंदिर की घंटी बजाने से निकलने वाली ध्वनि धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी फायदेमंद होती है. घंटी को बजाने से जो कंपन पैदा होता है वह वातावरण को शुद्ध करता है. इस कंपन से आसपास के जीवाणु, विषाणु और सूक्ष्म जीव सभी नष्ट हो जाते हैं. घंटी की आवाज से मन एकाग्र होता है. इसके साथ ही घंटी की आवाज से मन, मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा मिलती है.

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