05 June, 2026 (Friday)

जनगणना फॉर्म के नए नियमों की खूब हो रही चर्चा, 2 पत्नियां हैं तो माना जाएगा 2 फैमिली, 4 दोस्तों से भी बन सकता है परिवार

जनगणना के फॉर्म इस समय चर्चा में बने हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि अगर किसी की 2 पत्नियां हैं तो उसे 2 फैमिली माना जाएगा। वहीं 4 दोस्तों से भी परिवार बन सकता है।
कानपुर: देश में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर तैयार किए गए नए फॉर्म के कुछ प्रावधान इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। 34 सवालों वाले इस फॉर्म में परिवार की संरचना, मुखिया, रहने की व्यवस्था और घरेलू सदस्यों से जुड़ी कई नई जानकारियां शामिल की गई हैं। खास बात यह है कि इसमें परिवार की गणना को लेकर बनाए गए कुछ नियम लोगों को हैरान भी कर रहे हैं।
जनगणना फॉर्म के अनुसार यदि किसी पुरुष की दो पत्नियां हैं और दोनों अलग-अलग रूप में परिवार का हिस्सा हैं, तो उन्हें दो अलग फैमिली यूनिट माना जाएगा। यानी ऐसे व्यक्ति की दो फैमिली दर्ज होंगी। वहीं यदि किसी महिला के दो पति होने की स्थिति सामने आती है, तो उसे एक ही परिवार की श्रेणी में रखा जाएगा।

फॉर्म में परिवार के मुखिया को लेकर भी पारंपरिक सोच से अलग व्यवस्था की गई है। अब केवल घर का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ही मुखिया नहीं माना जाएगा। परिवार के सदस्य जिस व्यक्ति को मुखिया घोषित करेंगे, उसी का नाम दर्ज किया जाएगा। ऐसे में पत्नी, बहू, बेटी या दादी भी परिवार की मुखिया बन सकती हैं। इसे महिलाओं की भागीदारी और परिवार की वास्तविक संरचना को समझने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए
जनगणना में रहने की स्थिति को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति दुकान में सोता हुआ पाया जाता है, तो उस स्थान को मकान या रहने का कमरा नहीं माना जाएगा। इसी तरह बरामदा, गैलरी और छज्जे को भी कमरे की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि देश में कितने परिवार ऐसे हैं जिनके पास पर्याप्त रहने की जगह उपलब्ध नहीं है।

घरेलू सहायकों को लेकर भी नया नियम सामने आया है। यदि कोई नौकर परिवार के साथ घर में रहता है और उसी रसोई का भोजन करता है, तो उसे भी परिवार का सदस्य माना जाएगा और उसका विवरण जनगणना फॉर्म में दर्ज किया जाएगा।

इसके अलावा, यदि चार दोस्त एक कमरे में साथ रहते हैं और एक ही व्यवस्था के तहत जीवन यापन करते हैं, तो उन्हें भी एक परिवार माना जाएगा। ऐसे समूह में कोई भी व्यक्ति परिवार का मुखिया घोषित किया जा सकेगा।

जनगणना के इन नए नियमों को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ-साथ चर्चा भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रावधानों से देश की सामाजिक और पारिवारिक संरचना की अधिक सटीक तस्वीर सामने आ सकेगी।

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