06 March, 2026 (Friday)

पादरी वैलेंटाइन को फांसी और 14 फरवरी से वैलेंटाइन डे की शुरुआत- जानें पूरा किस्सा

भारत और दुनियाभर में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है. यह दिन प्यार का प्रतीक माना जाता है, जब लोग अपने खास व्यक्तियों को गिफ्ट, कार्ड और प्यार भरे संदेश देते हैं. हालांकि, इसका इतिहास इतना अच्छा नहीं है. दरअसल, रोमन सम्राट ने प्रेम संदेश देने वाले पादरी वैलेंटाइन को फांसी की सजा दी थी. उनकी याद में ही वैलेंटाइन डे मनाने की परंपरा शुरू हुई. आइए जानते हैं इस दिलचस्प और ऐतिहासिक कहानी को.

इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी
बता दें कि 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है, और इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है. तीसरी शताब्दी में रोम के एक क्रूर सम्राट ने प्रेम करने वालों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बावजूद पादरी वैलेंटाइन ने सम्राट के आदेशों को नहीं मानते हुए प्रेम का संदेश फैलाया. इस वजह से उन्हें जेल में डाल दिया गया और अंततः फांसी दी गई. प्रेम के लिए इस बलिदान को याद करते हुए हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने की परंपरा शुरू हुई.
अविवाहित सैनिकों को बेहतर मानता था
रोम के सम्राट क्लॉडियस II ने अपने साम्राज्य में शादी पर रोक लगा दी थी, क्योंकि वह अविवाहित सैनिकों को बेहतर मानता था. इसके बावजूद सेंट वैलेंटाइन ने प्रेम करने वालों की शादी करवाई और लोगों को राजा का आदेश न मानने के लिए प्रेरित किया. जब राजा को इसका पता चला, तो उन्हें जेल में डालकर 14 फरवरी 269 ईस्वी को फांसी दी गई.

5वीं सदी के अंत में शुरू हुई थी
वैलेंटाइन डे मनाने की परंपरा 5वीं सदी के अंत में शुरू हुई थी. पोप गेलैसियस I ने 14 फरवरी को सेंट वैलेंटाइन के याद में इस दिन को पर्व के रूप में स्थापित किया. वहीं, कुछ जानकारों के अनुसार, इसे रोम की पुरानी परंपरा ‘लूपरकोरिया’ की जगह शुरू किया गया था. 14वीं शताब्दी में ज्योफ्री चौसर की कविताओं ने इसे प्रेम के उत्सव से जोड़ दिया.

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