तानाशाह सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 80वीं वर्षगांठ पर करेगा सैन्य ताकत का प्रदर्शन
प्योंगयान,(ईएमएस)। उत्तर कोरिया सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 80वीं वर्षगांठ से पहले विशाल सैन्य परेड की तैयारी कर रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और दक्षिण कोरियाई ठिकानों पर हमला करने की अपनी बढ़ती सैन्य क्षमता को दिखाना है। कटूनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि परेड में तानाशाह दुनिया सहित खासकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया को ये दिखाना चाहता हैं कि वहां अब इतना ताकतवार हो चुका हैं कि किसी भी समय वहां उनपर मिसाइल दाग सकता है।
माना जा रहा है कि इस नए आईसीबीएम में उच्च शक्ति वाला ठोस ईंधन इंजन है, जो अमेरिकी मेनलैंड को प्योंगयांग की सीमा में ला सकता है। इन हथियारों की श्रृंखला अमेरिकी नौसैनिक बलों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना या उससे अधिक तेजी से वार कर सकती हैं और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम होती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उत्तर कोरिया इस मिसाइल का प्रदर्शन करता है या नहीं, जिसका अभी तक उड़ान परीक्षण नहीं हुआ है, हालांकि इसका इंजन परीक्षण सफल रहा है।
हाल ही में प्रदर्शित अन्य उन्नत हथियार
उत्तर कोरिया ने हाल के समय में इन सैन्य प्रणालियों का भी प्रदर्शन किया है: ह्वासोंग-18 और ह्वासोंग-19 आईसीबीएम, ह्वासोंग-11मा शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें जो हाइपरसोनिक वारहेड से लैस हैं। सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और नई पीढ़ी के ड्रोन शामिल है। किम जोंग उन ने हाल ही में इस विध्वंसक का दौरा किया था, जो सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस माना जाता है। उत्तर कोरिया का लक्ष्य अगले साल तक इसी श्रेणी का तीसरा पोत बनाना है। इस विशाल सैन्य प्रदर्शन को वॉशिंगटन के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि परमाणु निरस्त्रीकरण अभी विचाराधीन नहीं है। उत्तर कोरिया अमेरिकी वायु और समुद्री दोनों संपत्तियों को रोकने और अमेरिकी मेनलैंड पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।
यह शक्ति प्रदर्शन उस समय में हो रहा है जब 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दक्षिण कोरिया में एपेक शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की उम्मीद है। उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य परेड में कई उच्च पदस्थ विदेशी अधिकारियों को आमंत्रित किया है।
