अमेरिका में भारतीय ट्रक चालकों की हरकतें भारत की छवि को कर रहीं धूमिल
वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद उनके दो मुख्य लक्ष्य हैं। पहला, व्यापार में सख्त नीति और दूसरा, प्रवासियों के खिलाफ कड़ा रुख। कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के एक ट्रक चालक ने बड़ा हादसा कर दिया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि चालक नशे में ट्रक चला रहा था, जो अमेरिकी कानून का उल्लंघन है। आरोपी चालक का नाम जश्नप्रीत सिंह है, जो पंजाब के रहने वाले हैं। इस घटना ने ट्रंप सरकार को प्रवासियों के खिलाफ सख्ती करने का मौका दे दिया। व्हाइट हाउस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता ने कहा कि जश्नप्रीत सिंह अवैध प्रवासी हैं, जिन्हें कैलिफोर्निया प्रशासन ने वाणिज्यिक वाहन का लाइसेंस दे दिया। इससे ट्रंप सरकार को प्रवासियों पर और सख्ती करने का बहाना मिल गया।
जश्नप्रीत अकेले नहीं हैं, जिन्होंने कानून तोड़कर ट्रंप को मौका दिया। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले फ्लोरिडा में भारतीय मूल के चालक हरजिंदर सिंह ने एक बड़ा हादसा किया था। कुछ सप्ताह पहले फ्लोरिडा में हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई। जांच में पता चला कि 28 साल के हरजिंदर सिंह अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे। उन्होंने फ्लोरिडा टर्नपाइक पर अचानक यू-टर्न लिया, जिससे उनका ट्रेलर फिसलकर एक मिनीवैन से टकरा गया। इस भयानक हादसे ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया और ट्रंप प्रशासन को प्रवासियों के खिलाफ सख्ती का मौका दिया। इस हादसे के बाद अमेरिका में ट्रक चालकों के प्रति लोगों का रवैया नकारात्मक हो गया। कुछ लोगों का कहना है कि इंटरनेट पर सिख चालकों के खिलाफ ट्रोलिंग बढ़ गई है और चेकिंग पॉइंट्स पर उन्हें ज्यादा रोका जा रहा है। कैलिफोर्निया के रिवरसाइड में रहने वाले ट्रक चालक प्रभ सिंह ने कहा कि यह एक चालक की गलती थी, न कि पूरे समुदाय की। फ्लोरिडा में हरजिंदर सिंह के हादसे के बाद भी प्रवासियों के प्रति राय बदल गई थी।बता दें कि कैलिफोर्निया के ओन्टारियो में 22 अक्टूबर 2025 को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। पंजाब के जश्नप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वह नशे में तेज रफ्तार से ट्रक चला रहा था, जिससे कई वाहनों से टक्कर हुई और तीन लोगों की मौत हो गई। जश्नप्रीत मार्च 2022 में अवैध रूप से कैलिफोर्निया सीमा पर पकड़ा गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। अब वह सैन बर्नार्डिनो काउंटी शेरिफ विभाग की हिरासत में है। आप्रवासन और सीमा शुल्क प्रवर्तन ने उन पर नजरबंदी का अनुरोध लगाया है।
