07 June, 2026 (Sunday)

सनराइजर्स हैदराबाद को खल रही है इस बल्लेबाज की कमी, सुनील गावस्कर ने बताया नाम

एक ऐसी टीम जो अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर हो और जिसके क्वालीफाइंग करने का कोई मौका न हो, तो उसके पास खोने के लिए भी कुछ नहीं होता। हैदराबाद की टीम ने इस सत्र में बेहद लचर प्रदर्शन किया है। पंजाब के खिलाफ 125 रन के स्कोर में भी हैदराबाद की टीम ठीक वैसे ही लड़खड़ाई जैसे कि इसी टीम के खिलाफ इस सत्र में पिछले मुकाबले में देखने को मिला था। तब भी स्कोर करीब-करीब इतना ही था। डेविड वार्नर की खराब फार्म से ज्यादा हैदराबाद की टीम को जानी बेयरस्टो की गैरमौजूदगी खल रही है। जानी टीम को तेज शुरुआत दिलाते थे और टीम में इससे सकारात्मक माहौल बनता था।

जब कोई खिलाड़ी खराब दौर से गुजर रहा होता है तो कुछ भी सही नहीं होता। ऐसे में तो एक बल्लेबाज के तौर पर आप आउट होने के अजीबोगरीब तरीके भी तलाश लेते हैं। वार्नर यूएई में अपने पहले मैच में बल्ले का किनारा देकर आउट हुए तो पंजाब के खिलाफ मुहम्मद शमी की बाहर की गेंद पर तेज शाट लगाने के चक्कर में विकेट के पीछे ही आउट हुए। उम्मीद है कि वो बचे हुए मैचों में टीम को तूफानी शुरुआत दिला पाएंगे। हैदराबाद को इसके अलावा नामी आक्रामक बल्लेबाजों के बजाय तकनीकी रूप से सशक्त बल्लेबाज को खिलाना चाहिए। तकनीकी बल्लेबाज आपको ऐसे हिटर की तुलना में ज्यादा रन बनाकर दे सकता है जो कभी किसी मैच में चलता है और अहम समय पर गलत शाट खेलकर आउट हो जाता है।

तुलना करें तो राजस्थान की टीम थोड़ी बेहतर है। लेकिन, इस टीम के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा है और खिलाड़ी इंटरनेट मीडिया पर अधिक वायरल रहते हैं। संजू सैमसन एक प्यारे इंसान हैं, लेकिन एक कप्तान के तौर पर उन्हें अपने खिलाडि़यों को ये बात समझानी होगी कि फील्ड पर जश्न मनाने के अनोखे तरीकों से ज्यादा अपनी क्रिकेटीय उपलब्धियों की वजह से वायरल होना कहीं ज्यादा अच्छा है। बेशक इस बात को भी याद रखे जाने की जरूरत है कि अपने तीन सर्वश्रेष्ठ खिलाडि़यों की भरपाई करना बिलकुल भी आसान नहीं होता।

जोस बटलर, बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर गेम चेंजर हैं और उनकी गैरमौजूदगी से राजस्थान को बिलकुल भी मदद नहीं मिल रही है। युवाओं को ये सीखना चाहिए कि कैसे स्टोक्स मैदान पर बिताए हर सेकेंड में खुद को पूरी तरह झोंक देते हैं। मौजूदा समय में सर्वश्रेष्ठ आलराउंडर होने के बावजूद उनमें कोई तड़क-भड़क नहीं दिखती। वह गंभीर हैं और अपने खेल व टीम को लेकर पूरे समíपत भी। युवाओं को उनसे सीखने और मिले सबक को लागू करने की जरूरत है।

पंजाब के खिलाफ कार्तिक त्यागी का आखिरी ओवर टूर्नामेंट में अच्छे मुकाम पर रहेगा, लेकिन वो अब बीती बात हो चुकी है। उन्हें ऐसा प्रदर्शन दोहराना होगा, जिससे राजस्थान की टीम को प्लेआफ के लिए क्वालीफाई करने का मौका मिल सके।

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