वंदे भारत की लॉन्चिंग में छात्रों ने गाया संघ का गीत, केरल सरकार ने दिए जांच के आदेश, केंद्र ने कहा इसमें गलती क्या है?
नई दिल्ली,(ईएमएस)। केरल सरकार ने एर्नाकुलम से बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के बाद ट्रेन में स्कूली छात्रों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गीत का गायन कराने के दक्षिणी रेलवे के कथित घटना की जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्रियों ने इस घटना को उचित ठहराते हुए कहा कि यह एक देशभक्ति गीत है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने नई ट्रेन में छात्रों द्वारा आरएसएस का गीत गाए जाने के घटनाक्रम को रविवार को सही ठहराया। उन्होंने त्रिशूर में पत्रकारों से कहा कि यह बच्चों के निश्छल जश्न का हिस्सा था। पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री ने कहा, उन्हें उस समय वह गाना गाने का मन हुआ और उन्होंने इसे गा दिया। वैसे भी यह कोई अतिवादी गाना नहीं है। राज्य से एक अन्य केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी बच्चों द्वारा आरएसएस गीत के गायन का पुरजोर बचाव किया और पूछा कि गणगीतम में सांप्रदायिक क्या है। उन्होंने कहा कि जो लोग विदेश में भारत-विरोधी भावनाओं का प्रचार करने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह गीत पसंद नहीं आ सकता। छात्रों द्वारा इस गीत के गायन को उचित ठहराते हुए, एलमक्कारा स्थित सरस्वती विद्यानिकेतन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डिंटो केपी ने कहा कि यह एक देशभक्ति गीत है। उन्होंने कहा कि यह गीत दक्षिणी रेलवे के निर्देशानुसार नहीं गाया गया था, बल्कि बच्चों ने इसे मलयालम देशभक्ति गीत के रूप में खुद ही गाने का फैसला लिया।
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने लोक शिक्षण निदेशक (डीपीआई) को इस संबंध में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, शिवनकुट्टी ने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बच्चों को सांप्रदायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवनकुट्टी ने दिल्ली में कहा था, राज्य सरकार स्कूल की शुरुआत करने के लिए एनओसी देती है। एनओसी की मंजूरी के लिए कुछ शर्तें होती हैं। अगर इन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो सरकार के पास एनओसी वापस लेने का अधिकारी होता है। जांच की घोषणा करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में बच्चों का राजनीतिकरण करना और किसी खास समूह के सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए उनका इस्तेमाल करना संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।मंत्री ने कहा, लोक शिक्षण निदेशक (डीपीआई) को तुरंत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी। शिवनकुट्टी ने कहा कि देश के धर्मनिरपेक्ष एवं राष्ट्रीय मूल्यों को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इन सिद्धांतों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानाचार्य ने यह भी स्वीकार किया कि विवाद के बाद जब दक्षिण रेलवे के ‘एक्स’हैंडल से गाने का वीडियो हटा दिया गया, तो स्कूल अधिकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय रेल मंत्री के कार्यालय को पत्र भेजे थे। उन्होंने कहा कि स्कूल के अनुरोध पर दक्षिणी रेलवे बाद में वीडियो पुनः पोस्ट कर सकता है। वहीं माकपा महासचिव एमए बेबी ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए चुनौती करार दिया। वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने इसे भाजपा द्वारा केरल का सांप्रदायिकीकरण करने का एक और प्रयास बताया। सतीशन ने कहा, एक आधिकारिक समारोह में बच्चों को आरएसएस का गणगीत गाने के लिए मजबूर किया गया। जिस स्कूल ने इसकी अनुमति दी, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सांप्रदायिक उद्देश्यों के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने का फैसला किसने किया? विपक्ष के नेता ने पूछा, जनता की कीमत पर राजनीतिकरण की इजाजत नहीं दी जाएगी। आरएसएस के गणगीत को देशभक्ति गीत कैसे कहा जा सकता है?
