समाजवादी विचार धारा को दुनिया में स्व.राज नारायण ने फैलाया
(सिद्धार्थनगर )। समाजवादी चिंतक लोकबंधु स्व़. राज नारायण जी सुचिता, संघर्ष एवं ईमानदारी के मिसाल थे। उन्हें सड़क पर संघर्ष करने में महारथ हासिल थी। डा. राम मनोहर लोहिया के समाजवादी विचार धारा को पूरी दुनिया में फैलाने का काम भी ताउम्र उन्होंने किया था। यह बातें मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी ने कहीं। वह गुरुवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर स्व. राज नारायण जी 34वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ने कहा कि राज नारायण जी उस की सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी को न्यायालय एवं लोकसभा चुनाव में हराया था।
राजनीति में मतभेद स्वाभाविक है। मगर मनभेद नहीं होना चाहिए। यह राज नारायण जी की सोच थी। उन्होंने ने सत्ता की ताकत त्याग करके संघर्ष के रास्ता पर जाने काम किया था। आज के दौर में हम सभी समाजवादियों को राज नारायण जी के पदचिह्नों पर चलने की जरूरत है। जिससे हिटलर शाही मोदी योगी सरकार को उखाड़ फेकें। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक लालजी यादव ने कहा कि समाजवादियों को सत्ता की ताकत से लड़ने का मंत्र दिया था।
आज उसी का देन है समाजवादियों की देश के कई क्षेत्रों में सरकार बनी। जिससे गरीबों का भला हुआ था। राज नारायण जी गाँव गाँव स्वाथ्य सेवा के लाभ को पहुचाने का काम किया था। समाजवादी सिपाहियों को सरकार के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है। इसके लिए गाँव गाँव जाकर सरकार के किसान विरोधी नीतियों को बताकर सपा के साथ जोड़ने का काम करें। गोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष अजय चैधरी, महासचिव अफसर रिजवी व अनूप यादव, डुमरिया गंज के पूर्व प्रत्याशी राम कुमार चिंकू यादव,मो. जमील सिद्दीकी,मो. इद्रीश पटवारी राइनी, गरीब दास गौतम, कमाल अहमद, विभा शुक्ला, कामता यादव, केपी कन्नौजिया, विजय यादव, जोखन चैधरी, तोता राम वर्मा, सुभांगी भारत, हरीराम यादव, अजय यादव, शैलेंद्र शर्मा, सत्या नंद सिंह, सब्बू सलीम, अनिरुद्ध यादव, उदय भान तिवारी, एसके मेंहदी, शाहजहाँ बेगम, चंचल रावत व अभिषेक त्रिपाठी आदि ने संबोधित किया। नन्हे दुबे, अनिल यादव, शशांक त्रिपाठी, उमेश यादव, सतीश चैधरी व फरहान खान आदि मौजूद रहे।
