07 June, 2026 (Sunday)

रिषभ पंत ने पिछले कुछ मैचों में की हैं गलतियां, सुनील गावस्कर बोले- उनको इससे सीखना होगा

अगर रिषभ पंत पिछले दो मैचों की गलतियों से सबक सीखेंगे तो दिल्ली की टीम इस बार प्रतिष्ठित ट्राफी पर कब्जा जमा सकती है। बेशक, एक कप्तान उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम होती है और इस बात में कोई शक नहीं कि दिल्ली की टीम काफी अच्छी है। टीम के पास उच्च स्तरीय बल्लेबाजी क्रम है तो गेंदबाजी विभाग में टूर्नामेंट के बेहतरीन तेज गेंदबाजों की तिकड़ी है। टीम को अपने पिछले दोनों मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी, क्योंकि कप्तान ने अपनी अलग प्राथमिकताएं चुनीं।

बैंगलोर के खिलाफ उन्होंने अपेक्षाकृत एक युवा और प्रतिभाशाली गेंदबाज आवेश खान को आखिरी ओवर सौंपा, लेकिन वो दबाव का सामना नहीं कर सके। चेन्नई के खिलाफ क्वालीफायर में अक्षर पटेल को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा, जबकि बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पिछले मैचों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का कोई प्रदर्शन नहीं किया था। इसका ये मतलब हुआ कि दिल्ली की टीम को बेशकीमती गेंदों का नुकसान उठाना पड़ा, जिन पर फार्म में चल रहे शिमरोन हेटमायर 15 या 20 रन अतिरिक्त बना सकते थे। और जब लक्ष्य का बचाव करने की बात आई तो उन्होंने टाम कुर्रन को आखिरी ओवर दिया, जबकि कैगिसो रबादा का एक ओवर बचा हुआ था।

ये कप्तान के तौर पर उनका पहला सत्र है। ऐसे में अगर उनके किसी फैसले का अच्छा नतीजा नहीं निकलता तो उसकी आलोचना होगी। बेशक उनके मेंटर और एकमात्र महेंद्र सिंह धौनी ने इसी मुकाबले में शार्दुल ठाकुर को बल्लेबाजी के लिए पहले भेजकर अक्षर पटेल जैसा ही कदम उठाया था, जबकि ठाकुर ने भी आधे टूर्नामेंट तक मुश्किल से ही गेंद खेली थी। मगर फिर धौनी ने दिखाया कि नेतृत्वकर्ता का मतलब क्या होता है। वो मोर्चे पर आए और बल्ले से पलक झपकते ही चेन्नई को फाइनल में पहुंचा दिया। पंत की अच्छी बात ये है कि हर हालात में सकारात्मक रहते हैं। तो वो पिछले दो मैचों में जो हुआ उससे प्रभावित नहीं होंगे और कोलकाता के खिलाफ मुकाबले को नए नजरिये से देखेंगे और उसी के हिसाब से खेलेंगे।

अगर ये मुकाबला बड़ी बाउंड्री वाले दुबई क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाता तो कोलकाता की टीम दावेदार होती. क्योंकि उसके बाद रहस्यमयी स्पिनर हैं, लेकिन शारजाह का मैदान दिल्ली के पावर हिटर्स को भी बराबरी का मौका देगा। बेशक, आरसीबी के आक्रामक बल्लेबाज सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती के खिलाफ असफल हुए लेकिन वो सभी दाएं हाथ के बल्लेबाज थे।

वहीं, दिल्ली की टीम में दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का अच्छा मिश्रण है जिससे कोलकाता के गेंदबाजों को अपनी लाइन लेंथ में बदलाव के बारे में सोचना होगा। दोनों टीमें सोच रही होंगी कि उनके धुआंधार खिलाड़ी इस मैच के लिए फिट हो जाएं। दिल्ली के लिए मार्कस स्टोइनिस और कोलकाता के लिए आंद्रे रसेल वो खिलाड़ी हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर हमें एक शानदार बुधवार की उम्मीद है।

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