06 June, 2026 (Saturday)

जवाहरलाल नेहरू को किया याद, डोनाल्ड ट्रंप को दी चुनौती… जोहरान ममदानी की पहली प्रतिक्रिया आई सामने

Zohran Mamdani Speech: न्यूयॉर्क मेयर चुनाव जीतने के बाद जोहरान ममदानी ने पहली स्पीच दी, जिसमें उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को याद करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दी. ममदानी ने न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर को हराकर चुनाव जीता और न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने.

Zohran Mamdani First Reaction: न्यूयॉर्क का मेयर चुनाव जीतने के बाद जोहरान ममदानी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने विकट्री स्पीच देते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को याद किया और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी चुनौती दी. भारत की मशहूर फिल्ममेकर मीरा नायर के बेटे जोहरान ममदानी ने साढ़े 6 लाख से ज्यादा यानी करीब 51.2 प्रतिशत वोट लेकर बहुमत से चुनाव जीता है और न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं.

नए दौर की ओर बढ़ाएं ममदानी ने कदम
समर्थकों को संबोधित करते हुए जोहरान ममदानी ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद कर रहा हूं. इतिहास में ऐसे पल बहुत कम आते हैं, जब हम पुराने से नए युग की ओर कदम बढ़ाते हैं. जब एक युग का अंत होता है तो लंबे समय से दबी हुई आत्मा को अभिव्यक्ति की आजादी मिलती है. आज हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इसलिए आइए अब हम स्पष्टता और दृढ़ विश्वास के साथ वह सब बोलें, जिसे गलत न समझा जा सके. अब एक नया युग आएगा.

न्यूयॉर्क को बताया अप्रवासियों का शहर
जोहरान ममदानी ने कहा कि न्यूयॉर्क शहर प्रवासियों का शहर था, है और हमेशा रहेगा. इस शहर को आप्रवासियों ने बनाया, आप्रवासियों द्वारा संचालित किया जाता है और अब आप्रवासियों के द्वारा ही इसका नेतृत्व किया जाएगा. बाधाओं के बावजूद हासिल की गई चुनावी जीत डेमोक्रेट पार्टी के लिए बड़ी सफलता है. इस जीत के साथ ही राजनीतिक वंश को उखाड़कर फेंक दिया है. अब न्यूयॉर्क शहर आगे बढ़ेगा और इसका भविष्य इसके लोगों के हाथों में है. ड्राइवरों, नर्सों, रसोइयों और दुकानदारों का शहर अब लोकतंत्र के नियमों और आदर्शों से चलेगा.

ममदानी की डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती
अपने भाषण में जोहरान ममदानी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को उसी शहर ने हराया है, जिसने उन्हें पैदा किया है. किसी भी तानाशाह को डराने और चुप कराने का तरीका यही है कि उन हालातों को ही बदल दिया जाए, जिन्होंने उसे तानाशाह बनने की ताकत दी है. न्यूयॉर्क अब नई पीढ़ी का बदलाव देखेगा, सत्ता के केंद्रीकरण से लड़ते हुए विकास की डगर पर आगे बढ़ेगा. मैं मुस्लिम हूं, युवा डेमोक्रेटिक और समाजवादी हूं, लेकिन ऐसा होने में कोई शर्म नहीं है और न ही किसी से माफी मांगूंगा. परंपरागत सोच को पीछे छोड़कर आया हूं, कभी कोई बाधा रास्ता नहीं रोक पाएगी.

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