‘अपने चार का कोटा खत्म कर और चिल कर’, टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज को याद आई Dhoni की सलाह
टीम इंडिया लेग स्पिनर युजवेंद्रा चहल (Yuzvendra Chahal) ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने शुरुआती वर्षों में मिली सफलता का श्रेय दिया। यह उस समय की बात है जब वह और उनके साथी बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव भारत के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते थे। इस दौरान उन्होंने टी-20 क्रिकेट में सबसे महंगा स्पैल फेंका था तो कैसे धौनी ने उनका हौसला बढ़ाया था। इसके बारे में उन्होंने बताया है।
मामला दक्षिण अफ्रीका के 2018 दौरे की है, जब सेंचुरियन टी20 मैच के दौरान, चहल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने चार ओवरों में कोई विकेट लिए बिना 64 रन दिए। हेनरिक क्लासेन ने 30 गेंदों में सात छक्कों के मदद से 69 रन बनाए, जिससे प्रोटियाज टीम ने 18.4 ओवर में 189 रन बनाकर मैच जीत लिया। यह सबसे छोटे प्रारूप में किसी भारतीय गेंदबाज का सबसे महंगा और कुल मिलाकर 10वां सबसे महंगा स्पैल था।
चहल ने संयोग से 2019 वनडे विश्व कप में बतौर भारतीय गेंदबाज सबसे महंगा स्पैल फेंकने का रिकार्ड बनाया। उन्होंने 2019 विश्व कप मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 10 ओवरों में 88 रन दिए थे। एमएस धौनी को स्टंप के पीछे से गेंदबाजों की मदद करने के लिए जाना जाता था और वे उन्हें विकेट के पीछे से काफी प्रोत्साहित करते थे। रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब शो ‘डीआरएस विद ऐश’ पर से बात करते हुए चहल ने बताया कि कैसे धौनी उनकी मदद करते थे।
चहल ने कहा, ‘ एक बार मैंने दक्षिण अफ्रीका खिलाफ मैच में 64 रन दिया था। हेनरिक क्लासेन ने मेरी खूब पिटाई की। माही भाई ने मुझे राउंड द विकेट आने के लिए कहा था। मैंने वह किया और उसने मुझे मिड-विकेट पर सबसे बड़ी बाउंड्री पर छक्का लगाया। तभी माही भाई मेरे पास आए और मैंने कहा हां माही भाई, अब क्या करना है? उन्होंने कहा, ‘कुछ नहीं, मैं तो वैसा ही आया तेरे पास। मुझे पता है कि आज तुम्हारा दिन नहीं है। तुम कोशिश कर रहे हो, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ज्यादा सोचना नहीं, अपने चार का कोटा खत्म कर और चिल कर।’ चहल ने यह भी कहा कि इस घटना ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय करियर के उतार-चढ़ाव के बारे में एक महत्वपूर्ण सबक सिखाया। यह भी सिखाया कि एक गेंदबाज को ऐसी परिस्थितियों पर क्या करना चाहिए।
