सरकार को घेरने के लिए समानांतर संसद भी चला सकता है विपक्ष, अंतिम फैसला आज
पेगासस जासूसी, तीनों नए कृषि कानूनों व महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने और बैकफुट पर धकेलने के लिए विपक्ष लंबी लड़ाई पर मंथन कर रहा है। सरकार की मुश्किल बढ़ाने के लिए सरकार सदन के बाहर सामांतर संसद चलाने की रणनीति बना रहा है। अंतिम फैसला मंगलवार सुबह होने वाली विपक्षी नेताओं की बैठक में होगी।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कांस्ट्यिूटशन क्लब में विपक्षी नेताओं की यह बैठक बुलाई है। बैठक में मानसून सत्र के बाकी बची बैठकों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। टीएमसी सूत्रों का कहना है कि उनकी पार्टी ने समानांतर संसद चलाने का प्रस्ताव दिया है, इस पर विमर्श भी हुआ है। अब मंगलवार को विस्तार से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सरकार पर दबाव बनाने की हर संभव कोशिश
टीएमसी सूत्र ने कहा, पेगासस और किसान आंदोलन मामले में विपक्ष की कोशिश हर वह दांव आजमाना है जिससे सरकार दबाव में आए। अगर प्रमुख विपक्षी दल समानांतर संसद चलाने के प्रस्ताव पर सहमति देते हैं तो इससे न सिर्फ इस मुद्दे को राष्ट्रव्यापी प्रचार मिलेगा, बल्कि इस मुद्दे पर अपनी हठधर्मिता के कारण सरकार बैकफुट पर होगी।
कांग्रेस को सेल्फ गोल का भी डर
टीएमसी के इस प्रस्ताव पर राहुल ने बैठक तो बुलाई है लेकिन कांग्रेस को इससे ‘सेल्फ गोल’ का भी डर सता रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट नहीं की है। पार्टी को लगता है कि समानांतर संसद चलाने के फैसले के कारण पार्टी आलोचनाओं का शिकार भी हो सकती है।
केंद्र का रुख साफ, पेगासस पर नहीं कराएगा कोई चर्चा
पेगासस जासूसी मामले में सरकार और विपक्ष के बीच का रास्ता निकलने की कोई उम्मीद नहीं है। कार्य मंत्रणा समिति की पिछली दो बैठकों में सरकार ने साफ कर दिया कि वह पेगासस मामले में किसी भी तरह का चर्चा नहीं कराएगी। दूसरी ओर विपक्ष सदन की कार्यवाही चलाने के लिए हर हाल में पेगासस पर चर्चा के साथ इस मामले में सरकार की ओर से जांच की घोषणा करने की शर्त से पीछे हटने केलिए तैयार नहीं है।
