NEET Re-Exam: अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे के बीच होगी नीट की परीक्षा, जानें क्या क्या किए गए हैं बदलाव?
नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद अब रि-एग्जाम 21 जून को होने वाला है। परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षार्थियों के लिए कुछ खास जानकारियां साझा की हैं। सुरक्षा के ऐसे इंतजाम रहेंगे कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। जानें खास बातें….
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है कि NEET (UG)-2026 परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और उम्मीदवारों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जाए। इसी कोशिश के तहत, 21 जून 2026 को होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के अनुकूल कुछ बदलाव किए गए हैं। पिछले कुछ सालों में उम्मीदवारों से मिले फीडबैक के आधार पर, परीक्षा का समय बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है और यह दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। इसमें परीक्षा की ज़रूरी औपचारिकताओं, जैसे अटेंडेंस शीट पर साइन करना और निगरानी से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं में लगने वाला समय भी शामिल है।
एनटीए ने कहा है कि, परीक्षा के समय में यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि उम्मीदवार परीक्षा के लिए तय समय का पूरा इस्तेमाल कर सकें और उन्हें ऐसा न लगे कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं की वजह से पेपर हल करने का उनका मौका कम हो रहा है। इसके अलावा, प्रश्न पत्र बुकलेट में रफ काम के लिए जगह भी बढ़ा दी गई है।
अभूतपूर्व होगी सुरक्षा व्यवस्था
सरकारी सूचना के हवाले से सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने NEET 2026 की दोबारा परीक्षा (जो 21 जून को होनी है) के लिए गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रूप से लाने-ले जाने और संभालने के लिए देशभर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को तैनात करने का निर्देश दिया है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री जैसे प्रश्न-पत्र और परीक्षा के बाद की OMR उत्तर-पुस्तिकाएं, लाने-ले जाने के दौरान सुरक्षा देने की जिम्मेदारी सौंपी है।
NEET (UG)-2026 परीक्षा के लिए जरूरी सूचना
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि NEET (UG)-2026 परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और उम्मीदवारों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जाए। इसी प्रयास के तहत, 21 जून 2026 को होने वाली NEET (UG) 2026 परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के अनुकूल कुछ बदलाव किए गए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में उम्मीदवारों से मिले फीडबैक के आधार पर, परीक्षा की अवधि को बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है और यह दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। इसमें परीक्षा की ज़रूरी औपचारिकताओं, जैसे अटेंडेंस शीट पर हस्ताक्षर और अन्य इनविजिलेशन प्रक्रियाओं के लिए लगने वाला समय भी शामिल है।
परीक्षा की बदली हुई अवधि को इस तरह से तय किया गया है कि उम्मीदवार परीक्षा के लिए तय समय का पूरा इस्तेमाल कर सकें और उन्हें यह न लगे कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण पेपर हल करने का उनका मौका कम हो रहा है।
इसके अलावा, प्रश्न पत्र पुस्तिका में रफ़ काम (rough work) के लिए उपलब्ध जगह को बढ़ा दिया गया है। अब उम्मीदवारों को दो के बजाय रफ़ काम के लिए चार पेज दिए जाएंगे, जिससे उन्हें परीक्षा के दौरान कैलकुलेशन, डायग्राम और अन्य काम करने के लिए ज़्यादा जगह मिलेगी।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव प्रश्न पत्र पुस्तिका के डिज़ाइन से संबंधित है। पहले, रफ़ काम के पेज केवल पुस्तिका के अंत में दिए जाते थे। हालांकि यह व्यवस्था कई उम्मीदवारों के लिए ठीक थी, लेकिन फीडबैक से पता चला कि कुछ लोगों, खासकर बाएं हाथ से लिखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह कम सुविधाजनक थी।
इस समस्या को दूर करने के लिए, अब पुस्तिका की शुरुआत में निर्देश वाले पेज के ठीक बाद रफ़ काम के दो पेज दिए गए हैं, जबकि दो पेज अंत में भी उपलब्ध रहेंगे। यह बदला हुआ लेआउट प्रश्न पत्र के अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषा, दोनों वर्शन में शामिल किया गया है ताकि उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पेज का इस्तेमाल कर सकें।
NTA का मानना है कि परीक्षा के डिज़ाइन में छोटे-छोटे सुधार भी एक अहम परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों के अनुभव पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए, निष्पक्षता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक आरामदायक और उम्मीदवारों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ये उपाय शुरू किए गए हैं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड और इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए परीक्षा कर्मचारियों का सहयोग करें।
