25 July, 2026 (Saturday)

20 जुलाई की हिंसा पर FIR में बड़ा खुलासा, रेल भवन-संसद के नजदीक भीड़ ने हत्या की नीयत से दिल्ली पुलिस पर किया था हमला

दिल्ली में 20 जुलाई को हुई हिंसा को लेकर FIR में बड़ा खुलासा हुआ है। रेल भवन और संसद के पास हुई हिंसा में भीड़ ने पुलिस पर हमला किया था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स का प्रदर्शन जारी है और इस बीच, कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में बड़ा खुलासा हुआ है। FIR में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराएं शामिल हैं। बीते 20 जुलाई को रेल भवन और संसद के बेहद नजदीक हुई हिंसा के मामले में हत्या के प्रयास की धारा भी लगाई गई है। कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR में हत्या के प्रयास BNS 109(1) समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं। बता दें कि ये FIR कर्तव्य पथ थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुईं।
रेल भवन के पास पहुंचे थे हजारों प्रदर्शनकारी
FIR में रफी मार्ग पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस का पक्ष दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार, इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से C-Hexagon, जोन-11 (पिंक बूथ) पर थी। वायरलेस सूचना मिलने पर पुलिस टीम रेल भवन राउंडअबाउट के बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद थे।

भीड़ ने हत्या की नीयत से पुलिस पर किया हमला
दिल्ली पुलिस की FIR के मुताबिक, लाउडस्पीकर से BNSS की धारा 163 लागू होने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की घोषणा की गई। चेतावनी के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटे और नारेबाजी जारी रखी। फिर, कुछ लोगों ने भीड़ को बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को घेरा, मारपीट की और चप्पल व पत्थर फेंके। भीड़ ने पुलिसकर्मियों की हत्या की नीयत से हमला किया, जिससे कई जवान घायल हुए।

सरकारी संपत्ति और निजी वाहनों को भी पहुंचाया नुकसान
FIR के अनुसार, सरकारी संपत्ति और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद, संसद और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। FIR में BNS की 13 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

20 जुलाई की झड़प में 129 पुलिसकर्मी हुए घायल
दिल्ली पुलिस की FIR में हत्या का प्रयास, सरकारी कर्मचारी पर हमला, ड्यूटी में बाधा, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित प्रावधान हैं। 20 जुलाई की झड़पों में 129 पुलिसकर्मी और 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए। ये भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर ढाई हजार से ज्यादा क्रिमिनल्स दिखे। CJP हिंसा पर Facial Recognition System से यह बात पता चली है।

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