23 July, 2026 (Thursday)

मुंह पर घूंसे से प्रहार कर की गई थी लखनऊ में वृद्धा की हत्या, चादर में लपेटकर फेंका गया था शव

चिनहट के लौलाई गांव काशीराम कालोनी में चादर में बांधकर फेंकी गई वृद्धा मिथलेश उर्फ ललित की हत्या उसके मुंह पर घूंसे से प्रहार कर की गई थी। प्रहार से उसके मुंह से खून निकल आया था। हत्यारे शव चादर से बांधकर काशीराम कालोनी के बाहर सड़क किनारे फेंक गए थे। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में वृद्धा के मुंह पर प्रहार किए जाने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम में जांच के लिए विसरा और हार्ट सुरक्षित किया गया है। मिथलेश की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी है। वहीं, मिथलेश के भतीजे सनी ने चिनहट पुलिस पर मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है।

मिथलेश निशातगंज गली नंबर चार की रहने वाली थीं और लोहिया अस्पताल के बाहर पान मसाले की दुकान लगाती थीं। वह अक्सर वहीं पर सोती थीं। बिना ट्यूबलेस टायर वाली गाड़ी से शव को फेंका गया था घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मिथलेश के दाहिनी ओर चेहरे पर मुंह के पास चोट थी। टीम ने वहां के फिंगर प्रिंट लिए थे। इसके बाद मौके से एक ईंट को भी जांच के लिए जब्त कर लिया था। पुलिस और फोरेंसिक टीम में चर्चा थी कि हत्यारों ने शव को ठिकाने लगा के लिए जिस गाड़ी का प्रयोग किया उसमें ट्यूबलेस टायर लगे थे। क्योंकि ईंट पर जिस गाड़ी के चढ़ने के चिन्ह मिले हैं

उसमें ग्रिप अधिक नहीं है। एक्सपर्ट के मुताबिक ट्यूबलेस टायर की ग्रिप गहरी और बड़ी होती है। जबकि नार्मल टायर की सामान्य होती है। इस लिए ईंट पर मिले गाड़ी के चिन्हों का भी परीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध महिला और पुरुष की तलाश में दबिश वृद्धा के भतीजे सनी ने बताया कि बुआ दुकान पर ही सोती थीं, लेकिन बीते 20 दिन से निशातगंज स्थित घर में ही रह रही थीं। बीते सात अक्टूबर को वह अपनी सहेली के साथ निकली थीं। इसके बाद लोहिया अस्पताल के पास से एक अन्य महिला और पुरुष के साथ कहीं गई थीं। आठ अक्टूबर को उनका शव काशीराम कालोनी के बाहर चादर में बांधकर फेंका गया था।

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