Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: मौत का खेल नहीं हुआ खत्म? अंश की हत्या करना तुलसी को पड़ेगा भारी
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में तुलसी के अंश को मारने के फैसले ने सभी को हैरान कर दिया था, जिसके बाद अब एक और धमाका होने वाला है। रियांश को पता चलने वाला है कि उसकी दादी तुलसी ने उसके पिता को गोली मारी थी।
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में 25 साल पुराने मौत का राज खुलाने वाला है और रियांश को उसके पिता के कातिल का पता चल जाएगा। एपिसोड की शुरुआत में करण, नंदिनी को भरोसा दिलाता है कि रेओ अब वहां नहीं है। नंदिनी, करण से पूछती है कि उसने रेओ को यह कभी क्यों नहीं बताया कि तुलसी ने अंश की हत्या की थी। करण समझाता है कि वह रेओ को यह दर्दनाक सच नहीं बता सकता कि उसकी दादी ने ही उसके पिता को मारा था और वादा करता है कि रेओ अब दोबारा वहां नहीं आएगा। इस बीच, तुलसी जोर देकर कहती है कि मिहिर जल्दी वापस आ जाए और मिहिर वादा करता है कि वह अपना काम खत्म करके जल्द ही लौट आएगा।
धन-दौलत की लालच में देव हुआ पागल
रेओ, करण के सच छिपाने वाले नाटक का मजाक उड़ाता है, लेकिन जब पटाखों की आवाज सुनकर नियति घबराने लगती है तो माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। दूसरी तरफ, सलोनी और देव के बीच बहस होती है। देव एक बेटे की चाहत जाहिर करता है जो विरानी परिवार का वारिस बनेगा। धन-दौलत और रुतबे के प्रति उसके इस जुनून को देखकर सलोनी हैरान रह जाती है। ऋतिक बड़े प्यार से मुन्नी के बैग में जरूरत की सभी चीजें पैक करता है, क्योंकि वह गर्भवती है। वह अपने होने वाले बच्चे के साथ एक प्यारा सा पल बिताता है, जिससे मुन्नी शरमा जाती है।
इस शख्स की एंट्री से होगा हंगामा
तुलसी, नंदिनी के सामने रेओ को शांति निकेतन लाने का अपना फैसला बताती है। उसी दौरान, पटाखों की आवाज सुनकर नियति को पैनिक अटैक आ जाता है और रेओ, नियति के पैनिक अटैक के बारे में करण से सवाल करता है, लेकिन करण बहाने बना देता है। तुलसी, रेओ और नियति को वापस शांति निकेतन लाने का फैसला करती है, लेकिन करण इस पर एतराज जताता है। उसे चिंता है कि रेओ, अंश जैसा दिखता है इसलिए नंदिनी की नाजुक हालत पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। तुलसी, करण को भरोसा दिलाती है कि वह कोई भी फैसला अकेले नहीं लेगी, बल्कि इसमें नंदिनी को भी शामिल करेगी।
अंश हत्याकांड का खुलासा
कहानी में आगे देखने को मिलता है कि तुलसी, नंदिनी से कहती है कि उसकी सहमति बहुत जरूरी है। नंदिनी उसका साथ देती है, लेकिन तुलसी समझाती है कि यह इतना आसान नहीं होगा। वह नंदिनी के सामने रेओ और नियति को वापस शांति निकेतन लाने का अपना फैसला बताती है। तुलसी के फैसले का विरोध करते हुए, नंदिनी घर छोड़ने का ऐलान करती है और अंश की मौत का सच रेओ उर्फ रियांश को बताने का फैसला करती है, जिसके बाद रियांश बहुत बड़ा तमाशा करते दिखाई देने वाला है।
