कानपुर के पांच कॉलेज ब्लैक लिस्टेड, यूएफएम कमेटी की रिपोर्ट पर सीएसजेएमयू का फैसला
नकल के दोषी पाए जाने वाले पांच कॉलेजों को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने काली सूची में डाल दिया है। अनफेयर मींस कमेटी (यूएफएम कमेटी) ने इन कॉलेजों की जांच करके उनकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा समिति ने उन पर कार्रवाई करते हुए साल भर के लिए उन्हें परीक्षा केंद्र बनाए जाने से वंचित कर दिया है। अब इन कॉलेजों के परीक्षा केंद्र सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज में बनाए जाएंगे। यूएफएम कमेटी ने वर्ष 2019-20 की वार्षिक परीक्षा में नकल में पकड़े गए 18 कॉलेजों की जांच की थी। इनमें से पांच को दोषी पाया गया।
पिछले वर्ष कोरोना काल में स्नातक व स्नातकोत्तर के कुछ प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं हुई थीं। लॉकडाउन होने के बाद परीक्षाएं रोक दी गईं, लेकिन इस समय अंतराल में जिन कॉलेजों में परीक्षाएं हुई थीं, उनमें 18 कॉलेजों में नकल के मामले सामने आए। छह महीने तक उत्तरपुस्तिकाओं का मिलान, प्रश्न व लेखनी की जांच करने के बाद यूएफएम कमेटी ने पांच कॉलेजों को नकल कराने का दोषी पाया। कुलपति प्रो. डीआर ङ्क्षसह की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में इन कॉलेजों को एक साल के लिएपरीक्षा केंद्र बनाए जाने से वंचित रखे जाने का निर्णय लिया गया।
ये कॉलेज डाले गए काली सूची में
-डॉ. रामप्रकाश स्मारक महाविद्यालय परास घाटमपुर
-एसबी डिग्री कॉलेज, जीटी रोड कन्नौज
-बाबू रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज सरैया लखीमपुर खीरी
-श्री भज्जालाल फूलमती महाविद्यालय लखीमपुर खीरी
-श्री काशी महाविद्यालय रामगढ़ी सिकंदरा कानपुर देहात
फेल छात्रों को बैक पेपर देने का मिलेगा मौका
कोरोनाकाल में स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षाओं में फेल होने वाले छात्र छात्राओं को बैक पेपर देने का मौका दिया जाएगा। यह अवसर उन्हें इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि लॉकडाउन के कारण कई प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं नहीं हो सकी थीं। इसके अलावा जिन प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं हुईं, उनमें कई छात्र छात्राएं फेल हो गए। ऐसे में फेल छात्र छात्राओं को बैक पेपर का अवसर दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि बीए शिक्षाशास्त्र द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा में छात्रों को नए व पुराने पाठ्यक्रम का प्रश्नपत्र एक ही दिए जाने की जांच की जाएगी।
अकादमिक डिग्री नहीं होगी रद
परीक्षा समिति में निर्णय लिया गया कि एक साथ दो डिग्री लेने वाले छात्र छात्राओं की अकादमिक डिग्री रद नहीं की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि उन कॉलेजों को पत्र लिखा जाएगा जो दूसरी डिग्री के लिए छात्र का पंजीकरण करेंगे।
129 छात्र छात्राओं की मार्कशीट में गलत फोटो
वर्ष 2018-19 में पासआउट 129 छात्र छात्राओं की मार्कशीट में गलत फोटो लगाए जाने का मामला भी परीक्षा समिति में उठाया गया। इन छात्र छात्राओं के प्रवेश फॉर्म में फोटो दूसरी थी, जबकि मार्कशीट में दूसरी। समिति ने निर्णय लिया कि तकनीकी गड़बड़ी को लेकर संबंधित एजेंसी से पूछताछ की जाएगी।
- यह भी हुए निर्णय
- -वर्ष 2017-18 व वर्ष 2018-19 के बीएड के छूटे छात्रों का वायवा 15 दिन का समय देकर जल्द कराया जाए
- -महिला महाविद्यालय की बैच 2012 की बीएड छात्रा निधि श्रीवास्तव की डिग्री में अंकित पिता व छात्रा का गलत नाम जल्द सुधारा जाए
- -बीटेक में सात वर्ष पूरे कर चुके अनुत्तीर्ण छात्रों के बैक पेपर को लेकर उन्हेें बात करने के लिए बुलाया जाएगा।
