05 June, 2026 (Friday)

कर्नाटक में कांग्रेस को होने वाली है बड़ी परेशानी? मुस्लिम नेताओं ने सत्ता में मांगी बड़ी हिस्सेदारी

कर्नाटक में मुस्लिम धार्मिक नेताओं और उलेमाओं ने कांग्रेस से राज्य मंत्रिमंडल में 5 मुस्लिम नेताओं को शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि मुस्लिम समुदाय के समर्थन से कांग्रेस सत्ता में आई है। मांग पूरी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन और राजनीतिक ताकत दिखाने की चेतावनी दी गई है।

हुबली: कर्नाटक के मुस्लिम धार्मिक नेताओं और उलेमाओं ने राज्य मंत्रिमंडल में मुस्लिम समुदाय के 5 नेताओं को शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन से सत्ता में आई है, इसलिए समुदाय को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। यह मांग बुधवार शाम हुबली के बेल्लीनगर स्थित हजरत सैयद फतेह शाह वली दरगाह में आयोजित मुस्लिम नेताओं और उलेमाओं की एक बैठक में उठाई गई। इस अवसर पर विशेष दुआ का भी आयोजन किया गया।

‘5 मुस्लिम नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई तो…’
बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं बी. जेड. जमीर अहमद खान, एन. ए. हैरिस, तनवीर सैत और सलीम अहमद को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर को पहले ही एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद दिया जा चुका है, इसलिए अब समुदाय के 4 अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्री बनाया जाना चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए एक धार्मिक नेता ने कहा,
मुस्लिम समुदाय ने हमेशा कांग्रेस का समर्थन किया’
एक अन्य उलेमा ने कहा, ‘हम सभी मुसलमान एकजुट होकर इस विश्वास के साथ कांग्रेस को वोट देते हैं कि वह कर्नाटक में सरकार बनाए। हमने इस सरकार को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए हम मांग करते हैं कि हमारे समुदाय के बाकी चार वरिष्ठ नेताओं को भी मंत्री पद दिया जाए। आज हम सभी यहां एकजुट होकर यह मांग कर रहे हैं और आगे भी मिलकर इसे उठाते रहेंगे।’ बैठक में मौजूद नेताओं का कहना था कि मुस्लिम समुदाय ने हमेशा कांग्रेस का समर्थन किया है और राज्य की राजनीति में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है

‘ये नेता कांग्रेस पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं’
एक धार्मिक नेता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘हम सभी एकजुट होकर कांग्रेस को वोट देते हैं और उसे चुनाव जिताने में मदद करते हैं। यदि हमारी यह मांग पूरी की जाती है तो भविष्य में यह सभी के लिए अच्छा होगा।’ उलेमाओं ने संबंधित नेताओं के लंबे राजनीतिक अनुभव और कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा का भी जिक्र किया। एक वक्ता ने कहा, ‘पिछले 35 से 40 सालों से ये नेता कांग्रेस पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने समुदाय और पार्टी दोनों के लिए काम किया है। इसलिए हमारी अपेक्षा है कि इन पांच वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जाए।’

‘5 मंत्री पद नहीं दिए गए तो हम अपनी ताकत दिखाएंगे’
आयोजकों ने कहा कि सलीम अहमद, जमीर अहमद खान, एन. ए. हैरिस और तनवीर सैत कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं में शामिल हैं और उन्हें मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बैठक के दौरान कुछ वक्ताओं ने कड़ा रुख भी अपनाया। एक वक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘यदि 5 मंत्री पद नहीं दिए गए तो हम अपनी ताकत दिखाएंगे।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मुस्लिम समुदाय के चुनावी समर्थन का ‘कर्ज चुकाना’ चाहिए। धार्मिक नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई तो वे पूरे कर्नाटक में आंदोलन शुरू करेंगे।

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