06 June, 2026 (Saturday)

Iran-US War: युद्ध विराम है मुश्किल! चीन ने भांप ली ट्रंप की चाल, ईरान की मदद को भेज रहा नए एयरडिफेंस सिस्टम; रिपोर्ट ने चौंकाया

Iran-US ceasefire: ईरान और अमेरिका शनिवार को युद्ध विराम पर शांति वार्ता करने के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं, लेकिन इस समझौते के लागू होने का चांस बहुत कम है। ऐसे में ट्रंप की चाल को भांप कर चीन ईरान की बड़ी मदद करने की तैयारी में जुट गया है।
Iran-US War: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज शनिवार को ईरान और अमेरिका का प्रतिनिधि मंडल भले ही युद्ध विराम के लिए शांति वार्ता करने जा रहा है, लेकिन चीन ने ट्रंप की चाल को भांप लिया है। चीन को पता है कि यह शांति वार्ता संभवतः सफल नहीं होगी। चीन के अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की रणनीति को जान चुके हैं। लिहाजा वह ईरान की मदद के लिए अपना नया एयर डिफेंस सिस्टम भेज रहे हैं। सीएनएन के अनुसार यह खुलासा अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट में हुआ है। अगर चीन के एंटी-एयर डिफेंस सिस्टम ईरान के हाथ लग गए तो अमेरिका के लिए यह जंग और भी ज्यादा मुश्किल हो जाएगी।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के उड़े होश
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। यह जानकारी उन तीन लोगों ने दी है जो हालिया खुफिया आकलनों से परिचित हैं। चीन के इस कदम को काफी उत्तेजक माना जा रहा है, क्योंकि बीजिंग ने खुद दावा किया था कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह हुए नाजुक सीजफायर समझौते को बनाने में मदद की थी। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने की शुरुआत में चीन का दौरा करने वाले हैं, जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। खुफिया जानकारी यह भी दर्शाती है कि ईरान सीजफायर का फायदा उठाकर अपने कुछ हथियार सिस्टम को फिर से भरने की कोशिश कर रहा है, जिसमें उसके प्रमुख विदेशी साझेदार मदद कर रहे हैं।
तीसरे देशों के रास्ते ईरान पहुंचेंगे चीनी हथियार
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार बीजिंग इन नये हथियारों को तीसरे देशों के रास्ते ईरान भेजने की योजना बना रहा है, ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके। सूत्रों के अनुसार चीन जो सिस्टम ट्रांसफर करने वाला है, वे कंधे पर रखकर दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम हैं, जिन्हें MANPADs कहा जाता है। ये MANPADs पांच हफ्ते चले युद्ध के दौरान अमेरिका के कम उड़ान वाले सैन्य विमानों के लिए बड़ा खतरा साबित हुए थे। अगर सीजफायर टूट गया तो ये फिर से खतरा बन सकते हैं। वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, “चीन ने संघर्ष के किसी भी पक्ष को कभी हथियार नहीं दिए हैं। यह जानकारी पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार बड़े देश के रूप में चीन अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का हमेशा पालन करता है। हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह बेबुनियाद आरोप लगाना, मनमाने तौर पर जोड़ तोड़ करना और सनसनी फैलाना बंद करे। हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष तनाव कम करने के लिए ज्यादा प्रयास करेंगे।”
ट्रंप का संकेत चीनी मिसाइल से ईरान ने गिराया था अमेरिकी फाइटर

बीते सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि पिछले हफ्ते ईरान के ऊपर गिराया गया F-15 फाइटर जेट “कंधे से दागे जाने वाले हैंडहेल्ड हीट-सीकिंग मिसाइल” से मारा गया था। ईरान ने दावा किया था कि उसने जेट को मार गिराने के लिए “नए” एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया, लेकिन ज्यादा डिटेल नहीं दी। यह स्पष्ट नहीं है कि वह सिस्टम चीनी बना था या नहीं। मगर ट्रंप का इशारा चीन की ओर ही था। अब ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता के प्रयासों के बीच तेहरान को MANPADs भेजना चीन की बड़ी रणनीति मानी जा रही है। चीन ने यह कदम तब उठाया है, जब अगले महीने ट्रंप बीजिंग में शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा कि इस सप्ताह ईरान सीजफायर वार्ता के दौरान अमेरिका और चीन के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत भी हुई थी।

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