05 June, 2026 (Friday)

नए साल से पहले भारतीय पासपोर्ट हुआ कमजोर, 85वें स्थान पर खिसकी रैंक, 12वें नंबर पर आया अमेरिका

भारतीय पासपोर्ट की ताकत को नुकसान हुआ है। मतलब ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट की रैंक 5 पायदान खिसकी है। अब भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर आ गया है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की सूची जारी हुई है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

नए साल से पहले भारतीय पासपोर्ट को झटका लगा है। ग्लोबल रैंक में अब भारतीय पासपोर्ट 85वें नंबर पर खिसक गया है। पहले इसकी रैंक 80 थी। भारत के साथ अमेरिका को भी झटका लगा है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 ने नई सूची जारी की है। इसमें अमेरिकी पासपोर्ट को भी झटका लगा है। अब अमेरिका का पासपोर्ट 12वें नंबर पर पहुंच गया। पहले इसकी रैंक 10 थी। इसे पासपोर्ट धारकों के लिए बुरी खबर माना जा रहा है।

दुनिया में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति कमजोर हुई है। पिछले साल कर भारत ग्लोबल रैंकिंग में 80वें स्थान पर था। इस साल 5 पायदान गिरकर भारतीय पासपोर्ट 85वें नंबर पर पहुंच गया है। हालांकि सिंगापुर लगातार अपनी पहली रैंक बरकरार रखे हुए है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की लिस्ट ने दुनियाभर के पासपोर्ट की रैंकिंग जारी की है।

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भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग गिरने से अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 से 59 देशों में ही बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। जबकि सिंगापुर के नागरिक 193 देशों, दक्षिण कोरिया के नागरिक 190 देशों, जापान के नागरिक 189, जर्मनी, इटली, स्पेन और स्विट्जरलैंड के नागरिक 187 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं।

जानकारों की मानें तो इंडेक्स में भारतीय पासपोर्ट की गिरावट के 3 बड़े कारण हैं। दुनिया के कुछ देशों ने वीजा नियम सख्त किए हैं। भारत ने भी अपनी वीजा नीति भी काफी बदलाव करने सख्त किया। ग्लोबल रैंकिंग में अमेरिका का पासपोर्ट अब 12वें स्थान पर है। जानकारों ने बताया कि सख्त वीजा नियम, फीस में बढ़ोतरी और अलगाववादी नीतियों ने अमेरिका की पासपोर्ट ताकत को कमजोर किया है।

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