16 July, 2026 (Thursday)

कानपुर में गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे मोमोज, FDA ने 115 किलो संदिग्ध चटनी की नष्ट

कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर मोमोज गंदगी के बीच तैयार होते मिले जिसमें 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट कराया गया।
अगर आप भी शाम होते ही सड़क किनारे या किसी दुकान पर मोमोज खाने का शौक रखते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग यानी FDA की कार्रवाई के दौरान ऐसे चौंकाने वाले हालात सामने आए हैं, जिन्होंने मोमोज की गुणवत्ता और स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में कई स्थानों पर मोमोज गंदगी के बीच तैयार होते मिले, जबकि उनके साथ परोसी जाने वाली चटनी अस्वच्छ और संदिग्ध परिस्थितियों में रखी हुई पाई गई।
डीएम के आदेश पर FDA ने कई जगहों पर की जांच
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर 15 जुलाई को खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानपुर दक्षिण के साकेत नगर व सिटी साइड रावतपुर, मसवानपुर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान तीन मोमोज बनाने वाली दुकानों में भारी अनियमितताएं मिलने पर उनका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। विभाग ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए इकट्ठा किए और करीब 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट कराया। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम साकेत नगर के केशव नगर, पहुंची फिर रावतपुर गांव स्थित एक मोमोज बनाने वाली दुकान पहुंची। निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी खुले और अस्वच्छ माहौल में रखी हुई थी। टीम ने चटनी का नमूना जांच के लिए लिया और करीब 40 किलो चटनी नष्ट कराई। इस दौरान विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कमियां दूर होने तक प्रतिष्ठान का संचालन बंद रहेगा।

रंगीन चटनी और मोमोज के नमूने जांच के लिए लिए गए
FDA अधिकारियों ने रावतपुर गांव स्थित एक अन्य मोमोज बेचने वाली दुकान की जांच की। यहां उनको साफ-सफाई जहां नहीं दिखी साथ ही खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक पंजीकरण भी नहीं पाया गया। रंगीन चटनी और मोमोज के नमूने जांच के लिए लिए गए और लगभग 45 किलो चटनी नष्ट कराई गई। पंजीकरण कराने और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने तक इस दुकान को भी बंद रखने के आदेश दिए गए। इस पूरे अभियान के दौरान साकेत नगर स्थित एक तीसरी दुकान में भी हालात ठीक नहीं मिले। यहां भी चटनी गंदगी और संदिग्ध परिस्थितियों में संग्रहीत पाई गई। यहां भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने लगभग 30 किलो चटनी नष्ट कराते हुए नमूने प्रयोगशाला भेज दिए और प्रतिष्ठान को फिलहाल बंद रखने के निर्देश दिए। कार्रवाई केवल मोमोज बनाने वालों तक सीमित नहीं रहा। मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले कई ठेलों की भी जांच की गई। यहां ठेलों पर रखे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनियां खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। टीम ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया और विक्रेताओं को स्वच्छता नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी।

रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों की टेस्टिंग के लिए उनको लैब भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूने FDA के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में स्वच्छता नियमों का पालन हर खाद्य कारोबारी के लिए अनिवार्य है। विभाग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही पहुंचे।

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