11 March, 2026 (Wednesday)

जमैका में तूफान मेलिसा ने मचाई तबाही, लोग कीचड़ में ढूंढ रहे खाने-पीने की चीजें

मलबे में कई जानवर मरे पड़े हैं, फैल रही है बदबू, बिजली-पानी की सप्लाई बंद
किंग्सटन,(ईएमएस)। जमैका में कैटेगरी-5 के हरिकेन मेलिसा के टकराने के बाद हालात बिगड़ गए हैं। ब्लैक रिवर शहर में लोग कीचड़ और मलबे में खाने-पीने का सामान खोज रहे हैं। कई लोग टूटी दुकानों और सुपरमार्केट से पानी की बोतलें और जरूरी सामान निकाल रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तूफान के बाद पिछले तीन दिनों से शहर में अराजकता और भूख-प्यास से हाहाकार मचा है। सड़कों पर कीचड़, टूटी इमारतें, पलटी नावें और बिखरे वाहन चारों ओर तबाही है। बिजली-पानी की सप्लाई बंद है। लोगों का परिवारों से संपर्क टूट गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तूफान मेलिसा की वजह से तबाह हुए एक घर की है। लोग मलबे में से खाने-पीने की चीजें और जूस की बोतलें निकाल रहे हैं। न्यू रिवर शहर में सड़कों पर पानी भर चुका है। इस पानी में कई मृत जानवर पड़े हैं, जो सड़ रहे हैं। इससे इलाके में बदबू फैल रही है। सड़कों पर पानी भरने से कीचड़ जमा गया हो गया है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों का कहना है कि अब तक इलाके में कोई राहत ट्रक नहीं पहुंचा है। वे सड़क पर पड़े मलबे या दुकानों में जो कुछ भी मिल रहा है, उससे गुजारा कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक पास की एक फार्मेसी और दुकानों में भी लूटपाट की घटनाएं हुईं। लोग कीचड़ में सनी दवाइयां और खाना उठाते दिखे। कई दुकानदार अपनी लूटी दुकानों के बाहर पहरा दे रहे हैं। राजधानी किंग्स्टन एयरपोर्ट पर राहत सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन छोटे एयरपोर्ट और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से मदद देर से पहुंच रही है। सेना और राहत एजेंसियों के ट्रक रास्तों के टूटे हिस्सों से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं।
जमैका सरकार ने कहा है कि तूफान में 19 लोगों की मौत हुई है। हैती में भी 30 लोगों की मौत की खबर है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शहर के 90फीसदी घर तबाह हो चुके हैं। अस्पताल, पुलिस स्टेशन और फायर स्टेशन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ब्लैक रिवर पूरी तरह तबाह हो चुका है। लोग मजबूरी में सामान उठा रहे हैं, लेकिन हिंसा भी बढ़ रही है।
एक मेडिकल वर्कर ने बताया कि फायर स्टेशन में चार से पांच फीट पानी भर गया था। बच्चों और बुजुर्गों समेत कई लोग घायल अवस्था में लाए गए। कई जगह ऐसे लोग मिले जो जिंदा नहीं बचे। शुक्रवार दोपहर सेना के हेलिकॉप्टर ब्लैक रिवर पहुंचे थे। इसके बाद सड़कों से भीड़ कम हुई।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed