05 June, 2026 (Friday)

हमीरपुर पुल हादसा: CM योगी के निर्देश पर जांच के लिए दो उच्चस्तरीय कमेटियां गठित, दोषियों पर होगी कार्रवाई

बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का P-5 से P-6 के बीच सेगमेंटल स्पान गिरने से दुर्घटना हुई थी। प्रशासनिक, तकनीकी और निर्माण गुणवत्ता के सभी पहलुओं की गहन जांच होगी।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल के गिरने से हुए दुखद हादसे के बाद शासन और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने मामले की गहराई से जांच के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन कर दिया है।

यह दुर्घटना बेतवा नदी पर बन रहे पुल के पिलर संख्या P-5 से P-6 के बीच सेगमेंटल स्पान गिरने के कारण हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गठित की गई समितियां प्रशासनिक, तकनीकी और निर्माण गुणवत्ता के सभी पहलुओं की गहन जांच करेंगी। जांच के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, पुल के डिजाइन और सुरक्षा मानकों की विशेषज्ञ समीक्षा की जाएगी।

हादसे को लेकर थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, जांच रिपोर्ट सामने आते ही दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 6 श्रमिकों के परिजनों को सरकार ने 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, निर्माण कंपनी ने भी प्रत्येक पीड़ित परिवार को ₹10,00,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जबकि श्रम विभाग की ओर से ₹1,25,000 की अतिरिक्त सहायता राशि दी जा रही है।

इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, राशन कार्ड, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मृतक श्रमिक राजेश पाल की दो बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा। दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु तक प्रति माह 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *