गोरखपुर में व्यावसायिक भवनों में अनिवार्य होगी रेन वाटर हार्वेटिंग Gorakhpur News
गोरखपुर शहर में बनने वाले व्यावसायिक भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था आने वाले समय में अनिवार्य करने की तैयारी है। जल संरक्षण की गंभीरता को स्वीकार करते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) व्यावसायिक भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग के प्रावधान को अनिवार्य बनाने की तैयारी में है। जल्द ही इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
अभी अनिवार्य नहीं है रेन वाटर हार्वेस्टिंग
300 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले व्यावसायिक भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था का प्रावधान है। प्रदेश के कई विकास प्राधिकरणों में इसका प्रावधान का कड़ाई से पालन कराया जाता है। पर, जीडीए के क्षेत्र में भूजल का स्तर ऊपर होने के कारण इसे अनिवार्य नहीं बनाया गया है। भवन स्वामी अपनी सुविधा के अनुसार वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कर सकते हैं। कई भवनों में इस तरह की व्यवस्था की भी गई है।
जीडीए की योजनाओं में भी नहीं है व्यवस्था
जीडीए की ओर से विकसित की गई योजनाओं में भी वाटर हार्वेस्टिंग नहीं है। रामगढ़ताल क्षेत्र में बनाई गई आवासीय कालोनियों में भूजल का स्तर ऊपर होने के कारण ही यह व्यवस्था नहीं की गई।
जल संरक्षरण को लेकर सरकार गंभीर
जल संरक्षण को लेकर सरकार गंभीर है। गोरखपुर जिले में भी इसी को देखते हुए जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है। समय-समय पर इस परिषद की बैठक की जाती है। यह परिषद जिले में भूजल के स्तर की समीक्षा भी करेगा। परिषद में शामिल विशेषज्ञ भूजल संरक्षण को लेकर संभलने की बात कर रहे हैं। इसी क्रम में भूजल का दोहन करने को लेकर भी नियम कड़े किए जाएंगे।
300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बने व्यावसायिक भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है लेकिन भूजल का स्तर अधिक होने के कारण यहां इस व्यवस्था को अनिवार्य नहीं बनाया गया है। पर, अब इस व्यवस्था को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। – राम सिंह गौतम, सचिव, जीडीए।
