06 June, 2026 (Saturday)

भावी स्वास्थ्य संकट से निपटने को भारत ने दुनिया के लिए पेश किया खाका

तमाम विविधताओं के बावजूद भारत न केवल महामारी से निपटा बल्कि भविष्य के जन स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए दुनिया के लिए एक खाका भी तैयार किया। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा बुधवार को जारी दो रिपोर्ट में कही गई। दोनों रिपोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि एक मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता और हितधारकों के बीच समन्वय से कोरोना रोधी टीके की 176 करोड़ से अधिक डोज देने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई।

‘कोविड-19-इंडियाज वैक्सीन डेवलपमेंट स्टोरी’ और ‘इंडियाज कोविड-19 वैक्सीनेशन एडमिनिस्ट्रेशन जर्नी’ शीर्षक वाली दो रिपोर्ट ‘इंस्टीट्यूट फार काम्पिटिटिवनेस’ द्वारा तैयार की गई है जो ‘इंस्टीट्यूट फार स्ट्रैटेजी एंड काम्पिटिटिवनेस’ के वैश्विक नेटवर्क का एक हिस्सा है और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से संबद्ध है। इन रिपोर्ट में उन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया जिन्होंने भारत के कोरोना टीका विकास और उसे लगाने के प्रयासों की सफलता में योगदान किया। इसमें स्वदेशी टीकों का निर्माण, मजबूत और समय पर अपनायी गई प्रक्रियाओं और अनुमोदन के लिए प्रोटोकाल शामिल है जो सुरक्षित तौर पर टीका लगाया जाना सुनिश्चित करते हैं।

मांडविया ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, भारत की वैज्ञानिक क्षमता कई स्वदेशी टीकों के विकास से प्रदर्शित हुई है, जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुमोदित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘एक मजबूत निगरानी नेटवर्क के माध्यम से संक्रमण का पता लगाने, जांच करने, उपचार करने एवं संक्रमण को रोकने की हमारी क्षमता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों एवं नागरिकों की एकजुटता के साथ-साथ राज्यों और अन्य मंत्रालयों के सहयोग से कोरोना टीकाकरण अभियान सफल रहा।’

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के मार्क एस्पोसिटो ने कहा, ‘इतनी विविधता होने के बावजूद, भारत न केवल राष्ट्रीय संकट से निपटा बल्कि भविष्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से मुकाबले के वास्ते प्रौद्योगिकी का नवीन रूप से उपयोग करने के लिए दुनिया के लिए खाका भी तैयार किया।’

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *