23 April, 2026 (Thursday)

खांसी-जुकाम से लेकर एंटीबायोटिक तक, राजस्थान में ये 7 दवाइयां फेल, बिक्री पर तुरंत रोक

राजस्थान में खांसी-जुकाम की सिरप, गले में इंफेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने वाली दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गई हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
जयपुर: अगर आप भी खांसी-जुकाम होने पर दवाइयां खाते हैं तो सावधान हो जाइए। राजस्थान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की जांच में अलग-अलग कंपनियों की 7 दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इन दवाओं में खांसी- जुकाम की सिरप, गले में इंफेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने वाली दवाइयां शामिल हैं।

इन दवाइयों के सैंपल फेल-
लोरामिक्स सिरप: मैसर्स लार्क लेबोरेट्रीज (इंडिया) लिमिटेड (भिवाड़ी) की बनाई ‘सेफिक्साइम ओरल सस्पेंशन'(लोरामिक्स सिरप) बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने में उपयोग आती है।
एल्बेंडाजोल टैबलेट: मैसर्स अफ्फी पेरेंटरल (सोनल, हिमाचल प्रदेश) की बनाई ‘एल्बेंडाजोल टैबलेट’, जो पेट में कीड़ों को खत्म करने में उपयोग ली जाती है।
आईसटोकफ-एलएस ड्रॉप्स: मैसर्स डिजिटल मिशन और मैसर्स अक्कोवैल फार्मा प्रा. लि. की बनाई ‘एम्ब्रोक्सोल, लेवोसल्बुटामोल और गुआइफेनेसिन ड्रॉप्स’ (आईसटोकफ-एलएस) खांसी कम करने में उपयोग ली जाती है।
मिथाइलप्रेड्निसोलोन-4: मैसर्स यूनाइटेड बायोस्युटिकल्स प्रा. लि. (हरिद्वार) की बनाई ‘मिथाइलप्रेडनिसोलोन टेबलैट’ (मिथाइलप्रेड्निसोलोन—4) जो सूजन कम करने, एलर्जी, गठियां रोग के इलाज में उपयोग की जाती है।
ओकुफ-डीएक्स: मैसर्स टक्सा लाइफसाइंसेज प्रा. लि. (मोहाली, पंजाब) की बनाई ‘डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन, क्लोरफेनिरामाइन’ (ओकुफ-डीएक्स) सूखी खांसी के इलाज में उपयोग किया जाता है।
एक्सटेंसिव-500: मैसर्स वीएडीएसपी फार्मास्युटिकल्स (बिद्दी, हिमाचल प्रदेश) की बनाई ‘सेफुरोक्सिम एसेटिल’ (एक्सटेंसिव-500) बैक्टीरियल इन्फेक्शन को खत्म करने के काम में आती है।
सिप्रोफ्लोक्सासिन 500: मैसर्स ओमेगा फार्मा (हरिद्वार) की बनाई ‘सिप्रोफ्लोक्सासिन 500’ ये एक एंटीबायोटिक है।
1 से 15 अप्रैल के बीच लिए गए सैंपल
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि मानकों पर खरी नहीं उतरी इन दवाइओं की खेप की बिक्री को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एक से 15 अप्रैल के बीच अलग-अलग जगहों इन दवाइयों के सैंपल लिए गए। इन सैंपल की जांच रिपोर्ट हाल में आई है जिसमें 7 दवाइयों के सैंपल मानकों पर खतरे नहीं उतरे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *