सीएम स्वरोजगार योजना में घोटाला करने वाले के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर
– फर्जी कोटेशन लगाकर बैंक से लिया था 7 लाख 48 हजार का लोन
भोपाल(ईएमएस)। ईओडब्ल्यू ग्वालियर इकाई ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जालसाजी कर विजया बैंक से फर्जी कोटेशन लगाकर करीब साढ़े सात लाख का लोन लेने वाले आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओ में एफआईआर दर्ज की है।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा ईओडब्ल्यू ग्वालियर इकाई से आरोपी हरवीर सिंह चौहान,प्रेमकिशोर शिवहरे,मैसर्स पूनम ट्रेडिंग कंपनी सहित अन्य के खिलाफ बैंक की लोन की रकम को फर्जी कोटेशन व सप्लायर को भुगतान दिखाते हुये बैंक को बिना जानकारी दिये 7 लाख 48 हजार रूपये की धोखाधड़ी करने की शिकायत की गई थी। शिकायत दर्ज कर ईओडब्ल्यू ग्वालियर की टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि हरवीर सिंह चौहान द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ग्वालियर में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत साल 2016 में बिजनेस के लिये लोन लेने हेतु आवेदन किया गया था। यह आवेदन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ग्वालियर द्वारा स्वीकृति के लिये तत्काल शाखा प्रबंधक,विजया बैंक,जयेन्द्रगंज ग्वालियर को भेजा गया था। बैंक द्वारा हरवीर सिंह चौहान को गारमेन्टस की दुकान के कारोबार के लिये 9 लाख रूपये का लोन स्वीकृत किया गया था। हरवीर सिंह चौहान पिता महेन्द्र सिंह चौहान, निवासी डीडी नगर ग्वालियर, प्रेमकिशोर शिवहरे पुत्र स्व.जानकी प्रसाद शिवहरे और उनकी पत्नि मीरादेवी शिवहरे पत्नी प्रेमकिशोर शिवहरे दोनो निवासी बिरला नगर ग्वालियर,पूनम गुलहरे पत्नी अमित गुलहरे,निवासी, शंकर नगर रायपुर छत्तीगढ,कृष्ण कुमार गुप्ता पुत्र स्व. सुदामालाल गुप्ता निवासी जगदम्बा कॉम्पलेक्स, लश्कर ग्वालियर और अनिल सिंह परमार पिता स्व. रामबरन सिंह परमार निवासी नरसिंह नगर,हजीरा ग्वालियर द्वारा मिलकर योजनाबद्ध ढंग से जालसाजी की गई। सभी ने बैंक में कोटेशन लगाकर कोटेशन के अनुसार माल सप्लाई न कर बैंक से ली गई लोन की 7 लाख 48 हजार की रकम का आपसी खातों में लेनदेन कर यह रकम जमा नहीं करते हुए बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी। जॉच के आधार पर आरोपियो के खिलफ धारा 420,120 बी का मामला कायम किया गया है।
