06 June, 2026 (Saturday)

DU Seat Matrix: 2026-27 एडमिशन से पहले डीयू में सीट मैट्रिक्स बदलने की तैयारी, शिक्षकों ने जताई कड़ी आपत्ति

दिल्ली विश्वविद्यालय में 202627 के एडमिशन से पहले सीट मैट्रिक्स बदलने की तैयारी ने विवाद खड़ा कर दिया है. विश्वविद्यालय के हालिया नोटिफिकेशन पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई है और इसे अकादमिक काउंसिल को दरकिनार करने वाला फैसला बताया जा रहा है.
DU Seat Matrix: 2026-27 एडमिशन से पहले डीयू में सीट मैट्रिक्स बदलने की तैयारी, शिक्षकों ने जताई कड़ी आपत्ति
दिल्ली यूनिवर्सिटी
Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने 3 दिसंबर को एक नोटिफिकेशन जारी कर कॉलेजों से कहा कि वो 202627 के एडमिशन के लिए सीट मैट्रिक्स को फिर से तैयार करें और 8 दिसंबर तक विश्वविद्यालय को भेज दें. हालांकि, कई शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि यह फैसला अकादमिक काउंसिल (AC) को दरकिनार करके लिया जा रहा है, जबकि CUET आधारित एडमिशन पर डिटेल रिपोर्ट AC में चर्चा के लिए अभी तक पेश नहीं की गई है.

AC और EC सदस्यों की आपत्तियां
शिक्षकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय केवल एक प्रेजेंटेशन दिखाकर बड़े बदलाव करना चाहता है, जबकि इन फैसलों पर डिटेल चर्चा जरूरी है. नोटिफिकेशन में कॉलेज प्रिंसिपलों से BA प्रोग्राम के कोर्स और कॉम्बिनेशन की री-अलाइनमेंट पर अस्पष्ट सुझाव मांगे गए हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हेरफेर की आशंका बढ़ जाती है. शिक्षकों का कहना है कि बिना स्टाफ काउंसिल की चर्चा के सीटों में बदलाव या कोर्स बंद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा.

किन कोर्सों को कम एडमिशन वाले बताया गया?
28 नवंबर के प्रेजेंटेशन में डीयू प्रशासन ने जिन कोर्सों को कम एडमिशन वाला बताया है, उनमें ज्यादातर BA प्रोग्राम की वो कॉम्बिनेशन हैं जिनमें भारतीय भाषाएं शामिल हैं, बांग्ला, पंजाबी, तमिल, तेलुगू आदि. इसके अलावा कुछ स्किल बेस्ड कोर्स जैसे ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (OMSP) को भी कम एडमिशन वाला बताया गया.

शिक्षकों का आरोप
शिक्षकों का कहना है कि प्रेजेंटेशन मूल समस्या छिपाता है. CUET की वजह से कई साइंस स्ट्रीम और लोकल स्टूडेंट्स वाले कॉलेजों में भी भारी गिरावट आई है. देरी से शुरू होने वाले एडमिशन के कारण कई कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं, इसलिए सिर्फ भारतीय भाषाओं या छोटे कोर्स बंद करने से हजारों सीटें नहीं भरेंगी.

कुछ कॉलेजों में बांग्ला के BA प्रोग्राम सीटों का उदाहरण
देशबंधु कॉलेज: 10 सीट
दयानंद कॉलेज: 25 सीट
किरोरी माल कॉलेज: 16 सीट
मिरांडा हाउस: 6 सीट
जाकिर हुसैन (ड.) कॉलेज: 16 सीट
जाकिर हुसैन कॉलेज: 15 सीट
इसी तरह तमिल और तेलुगू की सीटें भी अलग-अलग कॉलेजों में बहुत कम संख्या में हैं.

 

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