डोम राजा के पुल को नपाध्यक्ष ने दिया पुर्नजीवन पुल के दोनों तरफ रहेगी बैरिकेडिंग, पैदल यात्रियों को ही मिलेगी सुविधा
(सिद्धार्थनगर )। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में पुराने नौगढ़ और तेतरी बाजार के बीच जमुआर नाले पर काफी पुराना पुल लाल रंग के लोहे के गाटर से बना था। देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया था, जिसे नपाध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने पुर्नजीवन दिया। इस पुल पर अब सिर्फ पैदल यात्री ही जा सकेंगे। पुल पर लाइटिंग और दोनों तरफ बैरिकेडिंग होगा।
इस पुल का ऐतिहासिक रूप से 1883 के बस्ती गजेटियर में जिक्र होता है। इस पुल का निर्माण बनारस के व्यापारियों की मांग पर बनारस के डोम राजा के द्वारा किया गया था। यह पुल ऐतिहासिक रूप से 1885 के करीब नगर के उसका बाजार और मटेहना बाजार को जोड़ने का काम करता था। उस वक्त यह नदी का तल छठ, छीछला होने के कारण बड़ी जहाज यहां पर नहीं रुकता थी, लिहाजा बनारस के व्यापारियों को नौगढ़़-बर्डपुर-मटैना अपने माल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने अंग्रेजों से इस पुल को बनाने की मांग की मगर अंग्रेजों ने बजट देने से मना कर दिया था। ऐसे परिवेश में नौगढ़ और बनारस के व्यपरियांे ने बनारस के डोमराज से इस पुल को बनाए जाने की मांग किया था। उनकी मांग को स्वीकार करते हुए डोम राजा ने अपनी एक दिन की कमाई दान में दी थी। जिसकी बदौलत यह पुल फिर खड़ा हुआ था। नगरपालिका अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह पुल नौगढ़ में राष्ट्रवाद नौगढ़ के ऐतिहासिक धरोहर के रूप में एक बार फिर से पुनर्जीवन प्राप्त कर रहा है। चेयरमैन के अथक प्रयासों से पुल पर सरिया डालकर आरसीसी ढलाई की गई। चेयरमेैन ने बताया कि इस पुल पर लाइटिंग भी होगा और दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दिया जाएगा। इस पर सिर्फ पैदल चलने वाले यात्रियों को ही सुविधा प्राप्त हो सकेगी। किसी भी वाहन के लिए यह प्रतिबंधित रहेगा। यह पुल जमुआ नाले के लिए प्राकृतिक दृश्य का आनंद लेने वाले मॉर्निंग वॉकर और इवनिंग वॉक के लिए काफी रोमांचकारी होगा।
