देश में इस वर्ष बने 28 यूनीकार्न : वित्त मंत्री सीतारमण
भारत में इस वर्ष अब तक 28 स्टार्ट-अप कंपनियां यूनीकार्न (100 करोड़ डालर मूल्य से अधिक) का रुतबा हासिल कर चुकी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यह सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों का नतीजा है। इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (आइवीसीए) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों के दौरान देश में स्टार्ट-अप के रूप में इकोनामी का अभूतपूर्व विकास झलकता है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआइआइटी) ने देशभर में 56,630 से अधिक स्टार्ट-अप कंपनियों को मान्यता दी है।
65 स्टार्ट कंपनियां ले चुकीं यूनिकार्न का रूप
वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक 65 स्टार्ट-अप कंपनियां यूनीकार्न का रूप ले चुकी हैं। इनमें से 28 तो इसी वर्ष बनी हैं। इससे पता चलता है कि स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में काफी कुछ हो रहा है और इस सेक्टर को एंजल निवेशकों की तरफ से काफी पूंजीगत मदद मिल रही है। इस दौरान सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों के हितों की रक्षा को समुचित स्थान दिया जाना जरूरी है, ताकि देश में निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सके।
आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा जरूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक विकास के लिए बिजली को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। असम के दीमा हसाओ जिले में 120-मेगावाट की पनबिजली परियोजना के भूमि पूजन के मौके पर उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए बिजली की उतनी ही जरूरत है जितनी जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान की। उन्होंने कहा कि इस बिजली परियोजना से सिर्फ इस क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर का विकास होगा।
