बिहार में जल्द की जाएगी 2380 फायर कर्मियों की नियुक्ति, प्रक्रिया प्रारंभ
गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवा की महानिदेशक शोभा ओहटकर ने कहा कि जवान अपना काम बेहतर तरीके से कर रहे हैं। अग्निशमन सहित गृहरक्षक बाढ़ राहत बचाव, निर्वाचन, उग्रवाद व हिंसा की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जवान व कर्मियों को ज्यादा सुविधाएं मिले इसे लेकर वे गंभीर हैं। गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण उनकी प्राथमिकता है। ये बातें उन्होंने गृह रक्षा वाहिनी के 75वें स्थापना दिवस पर बिहटा स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में मुख्य अतिथि के तौर पर कहीं। कहा कि जल्द ही 2,380 फायर कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने इस अवसर पर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले गृहरक्षकों के आश्रितों को अनुदान राशि भेंट करने के साथ उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को पुरस्कृत भी किया। कहा कि वाहिनी के सभी कार्यालयों के आधुनिकीकरण के साथ कंप्यूटरीकरण की व्यवस्था की जा रही है। सीआइएसएफ के माध्यम से बिहटा में नए फायर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के अलावा अग्निशमन सेवा के आधुनिकीकरण का कार्य प्रमुख है। अत्याधुनिक तकनीक युक्त मुख्यालय भवन के निर्माण की योजना है। कहा कि वाहिनी प्रशिक्षण केंद्र वैशाली, नालंदा व गया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं, नवादा व अरवल जिला समादेष्टा कार्यालय के निर्माण के लिए सरकार से स्वीकृति ली जा चुकी है। गया, दरभंगा, पूर्णिया व रोहतास सहित 18 स्थानों पर नए भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक कमल किशोर सिंह, पुलिस महानिरीक्षक एमआर नायक, अरविंद ठाकुर, उप महानिरीक्षक जितेंद्र मिश्रा व समादेष्टा चंदन कुमार कुशवाहा इत्यादि मौजूद रहे।
अग्निशमन सेवा को किया जा रहा आधुनिक उपकरणों से लैस
शोभा ओहटकर ने बताया कि अग्निशमन सेवा के 200 जवानों को दिल्ली, हैदराबाद व नागपुर इत्यादि जगहों पर विशेष प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। हाल में अग्निशमन के बेड़े में 32 मीटर ऊंचाई वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म एवं 27 आधुनिक वाहनों के साथ कुल 998 उपकरणों से लैस किया गया है। बेलट्रान और प्राइस वाटर कूपर कंपनी द्वारा विभाग के कंप्यूटरीकरण की स्वीकृति गृह विभाग ने प्रदान की है। यह आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
