बाइडन ने शरणार्थियों को अफगानिस्तान से निकलने में मदद के लिए आपातकालीन निधि से 500 मिलियन डॉलर को अधिकृत किया
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों की मदद के लिए 50 करोड़ डॉलर आवंटित करने का फैसला किया है। डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान से भागने वाले शरणार्थियों की सहायता के लिए यू.एस. यूनाइटेड स्टेट्स इमरजेंसी रिफ्यूजी एंड माइग्रेशन असिस्टेंस फंड से 50 करोड़ डॉलर आवंटित किए हैं। सोमवार शाम को जारी किए गए बाइडन के आदेश में कहा गया है कि फंड ‘अफगानिस्तान में स्थिति के परिणामस्वरूप शरणार्थियों, संघर्ष के शिकार लोगों और जोखिम वाले अन्य व्यक्तियों की अप्रत्याशित तत्काल शरणार्थी और प्रवासन जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से हैं।’ बाइडन ने राज्य सचिव के लिए एक ज्ञापन में कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं…कि राष्ट्रीय हित के लिए एमआरएए के तहत सहायता प्रदान करना महत्वपूर्ण है।’
बाइडन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में हजारों अमेरिकियों को निकालेगा और युद्धग्रस्त देश में अपने सहयोगियों के कर्मियों के सुरक्षित निकासी में सहयोग करेगा। राष्ट्र के नाम संबोधन में बाइडन ने कहा कि आने वाले दिनों में, हम अफगानिस्तान में रह रहे और काम कर रहे हजारों अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकालने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सहयोगियों के कर्मियों के सुरक्षित निकाले जाने का भी समर्थन करना जारी रखेंगे, जो अभी भी अफगानिस्तान में काम कर रहे हैं।
विदित रहे काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद पूरे अफगानिस्तान में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। दुनिया के दूसरे देशों ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने का अभियान शुरू कर दिया है। भारत भी वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश में जुटा है। काबुल हवाई अड्डे पर अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। हर कोई काबुल से बाहर निकलने को दौड़ लगा रहा है। बीते दिन कुछ खौफनाक दृश्य भी सामने आए थे, जिसमें प्लेन के दरवाजे बंद होने के बावजूद लोग प्लेन के बाहरी हिस्से पर ही जम गए और उड़ान भर दी, जिसके बाद आसमान से नीचे गिरते दिखाई पड़े थे। वहीं, काबुल हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना को फायरिंग तक करने पड़ गई थी, जिसनें कई लोगों की मौत हो गई। भीड़ को संभालने के लिए फायरिंग करनी पड़ी थी।
इसी कारण काबुल हवाई अड्डा बंद कर दिया गया। कई उड़ाने रद कर दी गई। हालांकि, शाम बाद एक अधिकारी ने बताया कि अफगानिस्तान का काबुल हवाईअड्डा फिर से खुल गया है। वहां पहला सी-17 अमेरिकी नौसैनिकों के साथ उतरा है।
