भारत लाया गया भुप्पी राणा गैंग का मोस्ट वांटेड आरोपी, जमानत मिलते ही थाईलैंड भाग गया था
साहिल चौहान को 10 साल की सजा हुई थी, लेकिन जमानत मिलते ही वह थाईलैंड भाग गया। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने सीबीआई से संपर्क किया और इंटरपोल की मदद से साहिल को भारत वापस लाया गया है।
हरियाणा पुलिस का मोस्ट वांटेड आरोपी साहिल चौहान भारत वापस आ चुका है। इस अपराधी को देश वापस लाने में सीबीआई ने अहम रोल अदा किया है। हरियाणा पुलिस के मोस्ट वांटेड भगोड़े आरोपी साहिल चौहान को थाईलैंड से भारत वापस लाने में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने मदद की। इंटरपोल के जरिए सीबीआई इस आरोपी को वापस लाई है। सीबीआई के मुताबिक, साहिल चौहान को 10 अप्रैल 2026 को थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। वह हरियाणा पुलिस द्वारा हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और अवैध हथियारों के इस्तेमाल जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित था। वह हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय भुप्पी राणा गैंग का प्रमुख सदस्य माना जाता है।
जानकारी के अनुसार, 4 जनवरी 2017 को यमुनानगर के जगाधरी कोर्ट परिसर में गैंगवार के दौरान साहिल चौहान ने मोनू राणा पर फायरिंग की थी। उस समय मोनू राणा को एक केस की सुनवाई के लिए कोर्ट लाया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और विदेश भाग गया।
इंटरपोल ने जारी किया था रेड नोटिस
हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर नई दिल्ली स्थित इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय इकाई ने साहिल चौहान के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था। इसके बाद बैंकॉक में उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे डिपोर्ट कर भारत लाया गया। दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। सीबीआई भारत में इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है और ‘भारतपोल’ प्लेटफॉर्म के जरिए देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। सीबीआई के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के सहयोग से 150 से अधिक वांछित अपराधियों को विदेशों से भारत वापस लाया जा चुका है।
