T20 WC 2026 के बायकॉट के बाद BCB को बड़ा झटका, इस मामले में बांग्लादेश हाईकोर्ट ने लगाई जमकर फटकार
Bangladesh Cricket Board: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बायकॉट के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब महिला क्रिकेटर्स की सुरक्षा को लेकर मुश्किलों में फंस गया है. बांग्लादेश हाईकोर्ट ने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही पर BCB को जमकर फटकार लगाई है.
Bangladesh Cricket Board: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने हाल ही में खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं के चलते भारत में होने वाले मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम को भेजने से इनकार कर दिया था. इसके बाद ICC ने बड़ा फैसला करते हुए बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया. वहीं, अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को एक और बड़ा झटका लगा है. महिला क्रिकेटर्स की सुरक्षा को लेकर बीसीबी मुश्किलों में फंस गया है. बांग्लादेश हाईकोर्ट ने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों में ठीक से कार्रवाई नहीं करने पर BCB को जमकर फटकार लगाई है.
बांग्लादेश हाईकोर्ट ने BCB को लगाई फटकार
द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (2 फरवरी) को पूर्व नेशनल शूटर सबरीना सुल्ताना की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बांग्लादेश हाईकोर्ट ने BCB से पूछा कि उसे “गैर-कानूनी, बिना अधिकार के और जनहित के खिलाफ” संस्था क्यों न घोषित कर दिया जाए. हाईकोर्ट ने बांग्लादेश की पूर्व महिला कप्तान जहानारा आलम के मामले में लापरवाही पर BCB को फटकार लगाते हुए पूछा कि उसने अब तक क्या कार्रवाई की है और आगे क्या करेगा.
साथ ही अदलात ने आदेश दिया है कि जब तक नियमों पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक बोर्ड को कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक एंटी-सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी तुरंत लागू करनी होगी.
जहानारा ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने के लिए बिचौलियों का इस्तेमाल किया. जब उन्होंने इन बातों को नजरअंदाज किया तो उन्हें अपमानित किया गया और उनके साथ बुरा व्यवहार हुआ. उन्होंने इस मामले को कई बार बोर्ड के सामने उठाया और सीनियर अधिकारियों से भी कहा, लेकिन राहत बस थोड़े समय के लिए ही मिली.
जांच में हो रही देरी
जहानारा आलम के आरोप के बाद BCB ने जांच का भरोसा दिया और पहले तीन लोगों की कमेटी बनाई, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच कर दिया गया. लेकिन रिपोर्ट देने की तारीख दो बार आगे बढ़ाई गई. पहले 2 दिसंबर को कहा गया कि जहानारा ने लिखित शिकायत देने के लिए वक्त मांगा है और फिर 21 दिसंबर को कहा गया कि अब रिपोर्ट 31 जनवरी तक आएगी. क्रिकबज के अनुसार, कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद BCB को जांच रिपोर्ट मिल भी गई थी, लेकिन यह साफ नहीं है कि उसे सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं.
