10 March, 2026 (Tuesday)

Bangladesh Protest live updates : बांग्लादेश में नहीं थम रही हिंसा, विस्फोट के बाद फिर हुआ बवाल; तारिक रहमान की 17 साल बाद वतन वापसी

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बुधवार रात विस्फोट के बाद गुस्साई भीड़ ने ढाका यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ की.
गुरुवार रात हुए बम विस्फोट में एक युवक की मौत हो हो गई.
Bangladesh Protest : बांग्लादेश में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. ढाका में बुधवार रात एक बम विस्फोट हुआ. इसमें एक युवक की जान चली गई. इसके बाद इलाके में फिर तनाव हो गया. विस्फोट के बाद गुस्साई भीड़ ने ढाका यूनिवर्सिटी में भी तोड़फोड़ की. इस दौरान यूनिवर्सिटी में धार्मिक नारे लगाए गए और काजी नजरुल इस्लाम की कविताएं पढ़ी गईं. भीड़ ने ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगते हुए और नजरुल की कविता ‘चंद्रभांदर तोमारे ज्वाला मुक्ति’ बोलते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. छात्रों ने इसे इतिहास पर प्रहार बताया है.

तोड़फोड़ ढाका विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक मधुर कैंटीन से शुरू हुई. मधुर कैंटीन 1971 मुक्ति संग्राम में छात्र आंदोलन का मुख्य केंद्र रही है. 2024 जनआंदोलन की शुरुआत भी यहीं से हुई थी, जिसकी वजह से शेख हसीना सरकार गिरी थी.

वहीं, दूसरी ओर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्‍यक्ष तारिक रहमान 17 साल से ज्यादा के निर्वासन के बाद आज ढाका लौट रहे हैं. वह अभी लंदन में रह रहे थे. उनके साथ उनकी पत्‍नी जुबेदा रहमान और पुत्री जाईमा रहमान भी हैं.

चुनाव से पहले तारिक रहमान की वापसी
12 फरवरी 2026 को होने वाले बांग्लादेश के संसदीय चुनावों से कुछ सप्ताह पहले तारिक रहमान की वापसी राजनीतिक हलचल का संकेत है. तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं और 2008 से लंदन में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे थे. उन पर भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप लगे हैं, जिन्हें वे राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं. बीएनपी ने हाल ही में घोषणा की है कि तारिक रहमान चुनावी तैयारियों के लिए स्वदेश लौट रहे हैं.

कुछ ही देर में ढाका पहुंच जाएंगे तारिक रहमान, BNP कार्यकर्ता सड़क पर उतरे
बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान कुछ ही देर में 17 साल के निर्वासन के बाद ढाका पहुंच जाएंगे. तारिक की वतन वापसी से बीएनपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है. बीएनपी के कार्यकर्ता जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर गए हैं.

उस्मान हादी और दीपू दास मर्डर केस को देखेगी स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल
बांग्लादेश सरकार ने इंकिलाब मंच के प्रमुख संयोजक उस्मान हादी और मैमनसिंह नगर के हिंदू युवक दीपू दास की हत्या के मामले को 2002 के स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल में ट्रांसफर करने का फैसला किया है. इसके तहत अधिकारियों को पुलिस रिपोर्ट मिलने के 90 दिनों के भीतर मामले का निपटारा कर देना होगा. कानून सलाहकार आसिफ नजरुल ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा – जनता के दबाव और न्याय की मांग को देखते हुए हम तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं.

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