राजस्थान में हैवानियत, अंधविश्वास के नाम पर युवती को जबरन उठाया, गर्म लोहे से माथे, हाथ-पैर समेत पूरे शरीर को दागा
अजमेर में 21 वर्षीय युवती से मारपीट और उसके शरीर को गर्म लोहे के सरिए से दागे जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, गांव के कथित भोपा और उसके साथियों पर अंधविश्वास के नाम पर युवती को घर से जबरन उठाने का आरोप है।
राजस्थान के अजमेर जिले से अंधविश्वास और हैवानियत की हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। जिले के मायापुर गांव में अंधविश्वास के नाम गांव के कथित भोपा और उसके साथियों ने युवती को घर से जबरन उठाया और गर्म लोहे के सरिए से माथे हाथ-पैर समेत शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। 21 वर्षीय युवती के साथ इस वारदात ने हर किसी को हैरान कर के रख दिया है। युवती की मांग ने बेटी के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के अजमेर के निकटवर्ती गांव मांगलियावास पुलिस थाने में मायापुर गांव की एक महिला ने अपनी बेटी कुछ लोगों द्वारा डायन बताकर और गर्म लोहे से दागने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला रामप्यारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वह अपने खेत पर घास लेने गई थीं, तब उनकी बेटी किरण और अन्य बालिकाएं घर पर अकेली थीं। इसी दौरान काली, सुखपाल उर्फ सूरज, महेन्द्र, रेखा, सीमा, रमती और गीता उनके घर आए।
रामप्यारी के अनुसार, ये सभी लोग उनकी बेटी किरण को अपने साथ माताजी के मंदिर ले गए। मंदिर में इन लोगों ने किरण के साथ मारपीट की और उसे गर्म लोहे से दागा जिससे वह घायल हो गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सुखपाल ने किरण को लोहे को गर्म करके उसके शरीर पर दागा और उससे गाली-गलौज भी की। आरोपियों ने किरण को जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने क्या बताया?
रामप्यारी ने मांगलियावास थाने में उपस्थित होकर अपने पति पुखराज के साथ यह रिपोर्ट पेश की। पुलिस ने रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई हुकुम सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने इस घटना को लेकर कहा- “पीड़िता को मेडिकल के लिए तलब किया गया लेकिन वह नहीं पहुंची जिसके कारण अभी मेडिकल नहीं हुआ। पीड़िता के आने के बाद उसका मेडिकल करवाया जाएगा।”
