05 June, 2026 (Friday)

Al Falah University: जवाद सिद्दीकी से छिनी जाएगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमान, हरियाणा सरकार ने बदला कानून

Al Falah University: दिल्ली ब्लाॅस्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ा अपडेट है. अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमान हरियाणा सरकार अपने हाथों में लेगी. इसको लेकर विधानसभा में संशोधित कानून पास किया गया है.
Al Falah University: जवाद सिद्दीकी से छिनी जाएगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमान, हरियाणा सरकार ने बदला
Al Falah University: दिल्ली ब्लाॅस्ट के बाद फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी चर्चा में आई थी. ब्लॉस्ट में शामिल आंतकवादियों का अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेजों से संबंध था. तो वहीं बाद में ED समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी और चैयरमैन जावेद सिद्दीकी को रिमांड में भी लिया था. इसी बीच NAAC समेत AIU ने अनियमितताओं पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ नोटिस भी जारी किया था. तब से लेकर अब तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बंद होने की अटकलें लगती रही है, लेकिन 22 दिसंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ा फैसला हुआ है. इस बदलाव के बाद जावेद सिद्दीकी से अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमान छिनी जाएगी. इसको लेकर हरियाणा सरकार ने नया कानून पास किया है.

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कमान ट्रस्ट से छिनेगी यानी अब जावेद सिद्दीकी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रशासक नहीं रहेंगे. इसके लिए हरियाणा विधानसभा में 22 दिसंबर सोमवार को निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पारित किया है. इस कानून के लागू होने के बाद राज्य की प्राइवेट स्कूलों की कमान राज्य सरकार खुद ले सकेगी.

अल-फलाह समेत 26 यूनिवर्सिटी में नियुक्त हो सकेंगे प्रशासक
हरियाणा विधानसभा में निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पारित होने के बाद राज्य सरकार अल-फलाह समेत प्रदेश की 26 यूनिवर्सिटी में प्रशासक नियुक्त हो सकेंगे. ये प्रशासक राज्य सरकार के अधीन और निर्देश पर यूनिवर्सिटी का संचालन करेंगे. हालांकि इससे यूनिवर्सिटी प्राइवेट संस्थान की तरह ही संचालित हो सकेगी. सिर्फ यूनिवर्सिटी की कमान राज्य सरकार के पास होगी.

विधेयक पास करने के दौरान क्या हुआ ?
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विधानसभा में निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पेश किया. इस संशोधित विधेयक के साथ राज्य के उन 26 निजी विश्वविद्यालयों की सूची भी संलग्न थी, जिनमें प्रशासक नियुक्त किए जाने का प्रावधान किया जाना है. इस संशोधन विधेयक पर कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि सरकार इसके माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों को अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी कर रही है. उन्होंने सुझाव दिया कि विधेयक में ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए, जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों के हित सुरक्षित रहें.

वहीं कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि सरकार को इसमें ये भी बताना चाहिए कि यूनिवर्सिटी पर जो प्रशासक बैठाया जाएगा, उसकी क्वालिफिकेशन क्या होगी? इस विधेयक में जिन यूनिवर्सिटीज के नामों को दिया गया है उनमें कुछ ऐसे भी हैं जो सिर्फ डिग्रियां बांटते हैं. ऐसी यूनिवर्सिटीज पर भी सरकार को अंकुश लगाना चाहिए.

चर्चा के बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि इस विधेयक पर अच्छे सुझाव आए हैं, लेकिन ये जो एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त होगा, वो किसी विशेष परिस्थिति में ही किया जाएगा. जो सही चल रहा है, उसको खराब करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है, इसलिए इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाए. इसके बाद सदन में ये विधेयक पारित किया गया.

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