05 June, 2026 (Friday)

सारस से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, क्वारंटीन की वजह से नहीं हो सकी मुलाकात

उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव अमेठी जिले में आरिफ नाम के एक शख्स के पास से लाए गए एक सारस से मिलने के लिए कानपुर चिड़ियाघर पहुंचे, लेकिन इस परिंदे को क्वारंटीन में रखे जाने की वजह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। कानपुर चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बुधवार को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मंगलवार को सारस से मिलने के लिए कानपुर चिड़ियाघर आए थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि इस वक्त सारस को पृथकवास में रखा गया है।

सीसीटीवी स्क्रीन पर सारस को देखा

इस दौरान अखिलेश यादव के साथ सारस का दोस्त आरिफ भी मौजूद था। हालांकि, दोनों की सारस से मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन दोनों ने सीसीटीवी स्क्रीन पर सारस को देखा और वहां करीब एक घंटा बिताया। वरिष्ठ वन अधिकारी ने अखिलेश यादव को बताया कि डॉक्टरों की एक टीम सारस के स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रख रही है और उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।

खेत में घायल हालत में मिला था सारस  

गौरतलब है कि अमेठी जिले के निवासी आरिफ को पिछले साल खेत में यह सारस घायल हालत में मिला था। उसने उसका इलाज किया था। सारस आरिफ से इस कदर घुल मिल गया था कि वह उसके साथ ही रहने लगा था। अखिलेश यादव पिछली 5 मार्च को आरिफ और सारस से मिलने के लिए अमेठी गए थे। इसके बाद वन विभाग ने हाल में सारस को उसके प्राकृतिक वातावरण में रखने के लिए उसे आरिफ के यहां से हटाकर रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार भेज दिया था, जहां से उसे कानपुर चिड़ियाघर ट्रांसफर कर दिया गया है। वहां सारस को 15 दिन के लिए पृथकवास में रखा गया है।

 घायल पक्षी को बचाया था आरिफ

वन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में आरिफ के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उसे पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा है। यादव को उम्मीद है कि सरकार आरिफ के खिलाफ मामला बंद कर देगी और उस पर कोई जुर्माना नहीं लगाएगी, क्योंकि उसने एक घायल पक्षी को बचाया था।

‘जिससे मिला उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही’

अखिलेश यादव ने मंगलवार को अपनी कानपुर यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, “मैं सपा विधायक इरफान सोलंकी से मिलने कानपुर जेल गया था, लेकिन उन्हें महाराजगंज जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। मैं सारस से मिलने गया था, तो इसे कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया।” उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, “मैं जिससे मिला उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब मैं हाई प्रोफाइल लोगों से मिलने के बारे में सोच रहा हूं।”

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed